सीएनजी प्लांट के विरोध में ग्रामीण लामबंद, सुरक्षा और पर्यावरण मानकों पर उठाए सवाल
1 min readडीएम के निर्देश पर जांच टीम ने किया स्थल निरीक्षण, लेखपाल ने की पैमाइश
गोंडा। जिले के कर्नलगंज क्षेत्र के दूदा गांव में प्रस्तावित सीएनजी प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। ग्रामीण आबादी के बीच में प्लांट लगाए जाने का विरोध करते हुए सुरक्षा, खेती और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्लांट को रिहायशी आबादी से दूर स्थापित किये जाने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध मे अधिवक्ता सचिन कुमार सिंह की शिकायत पर जिलाधिकारी गोंडा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम गठित की। बुधवार को टीम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र गोंडा, पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अयोध्या मंडल, राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही। मौके पर लेखपाल ने फीता डालकर प्लांट स्थल से आबादी क्षेत्र की दूरी की पैमाइश की और सुरक्षा मानकों की जांच की। अधिकारियों ने मौके की भौगोलिक स्थिति, आबादी की घनत्व और पर्यावरणीय पहलुओं की विस्तृत जानकारी नोट की।
ग्रामीणों ने जताया विरोध
निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने सीएनजी प्लांट का कड़ा विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का कहना है कि रिहायशी इलाके के नजदीक प्लांट लगने से भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। गैस रिसाव, आग लगने और वायु प्रदूषण का खतरा बना रहेगा। ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष आपत्ति दर्ज कराते हुए मांग की कि प्लांट की स्थापना से पहले सुरक्षा मानकों, आबादी से दूरी और पर्यावरण प्रभाव का निष्पक्ष आंकलन कराया जाए। जनहित और ग्रामीणों की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। इस मौके पर शिकायतकर्ता अधिवक्ता सचिन कुमार सिंह, ग्राम प्रधान दूदा उदयभान तिवारी सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि निरीक्षण रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी और मानकों के अनुरूप ही आगे की कार्रवाई होगी।

