आज़ादी के दशकों बाद सड़क को तरस रहा गांव एम्बुलेंस न पहुंचने से समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सके बीमार बुजुर्ग हुई मौत
1 min readआज़ादी के दशकों बाद भी सड़क को तरस रहा कसई गांव एम्बुलेंस न पहुंचने से समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सके बीमार बुजुर्ग
जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और शासन की उदासीनता का खामियाजा भुगत रहे ग्रामीण,दलदल भरे रास्ते पर कंधों पर शव ले जाने को मजबूर परिजन

गुढ़। रीवा जिले के गुढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पतौता के कसई गांव में आज सड़क जैसी मूलभूत सुविधा न होने के कारण एक दुखद घटना सामने आई है।मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए लगभग 3 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है लेकिन बारिश के मौसम में यह रास्ता पूरी तरह दलदल में तब्दील हो जाता है। इसी वजह से समय पर एम्बुलेंस न पहुंच पाने के कारण कसई गांव निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग मोहम्मद सिरदार को अस्पताल नहीं ले जाया जा सका जिससे समय पर इलाज न मिलने के कारण उनकी असामयिक मृत्यु हो गई।
ग्रामीणों ने पट्टे की जमीन शासन के नाम की फिर भी नहीं बनी सड़क
मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने भारी आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने गाँव में सड़क निर्माण के लिए कई बार प्रयास किए। ग्रामीणों ने विकास की आस में अपने पट्टे की निजी जमीन तक मध्य प्रदेश शासन के नाम हस्तांतरित कर दी थी लेकिन इसके बावजूद जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता के कारण आज तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका।आज स्थिति इतनी भयावह है कि बुजुर्ग की मृत्यु के बाद परिजनों और ग्रामीणों को घुटनों तक भरे दलदल और कीचड़ वाले रास्ते से होते हुए शव को कंधे पर उठाकर ले जाना पड़ा।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

