142 करोड़ लोगों की आजीविका को लेकर अखंड हिंदू राष्ट्र मोर्चा मुखर
1 min readबैंकों की कार्रवाई से लेकर बुलडोजर तक पर सवाल, 142 करोड़ लोगों की आजीविका को लेकर अखंड हिंदू राष्ट्र मोर्चा मुखर
रामनगरी अयोध्या
यह मामला सीधे तौर पर आम नागरिक की रोजी-रोटी और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा है।
बैंकिंग कार्रवाई हो, सड़क परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण हो या बुलडोजर की कार्रवाई—अखंड हिंदू राष्ट्र मोर्चा ने विभागीय लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गंगाराम तिवारी का आरोप है कि कई जगह बैंकों और वित्तीय कंपनियों की कार्रवाई के दौरान मकानों और दुकानों पर ताले लगा दिए गए, लेकिन प्रभावित परिवारों की सुनवाई और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था नहीं की गई।
सड़क निर्माण के नाम पर किसानों, छोटे दुकानदारों और घर से कारोबार करने वाले परिवारों की आजीविका भी संकट में है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अलग-अलग क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण और सड़क की चौड़ाई के अलग-अलग मानक क्यों लागू किए जा रहे हैं? क्या विभागों के पास स्पष्ट योजना नहीं है, या फिर नियमों का पालन केवल कागजों तक सीमित है?
मोर्चा ने मांग की है कि किसी भी कार्रवाई से पहले नोटिस, सुनवाई, मुआवजा और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
सरकार और प्रशासन को जवाब देना होगा—विकास जनता के लिए है या जनता की कीमत पर?
बयान में लगाए गए अन्य गंभीर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है और क्या कुछ कहा राष्ट्रीय मोर्चा ने जिसे वीडियो विज्युअल के माध्यम से दिखाएंगे

