शत्रु सम्पत्ति में कथित फर्जीवाड़े पर सीजेएम का बड़ा आदेश, तत्कालीन एसडीएम समेत कई पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
1 min readशत्रु सम्पत्ति में कथित फर्जीवाड़े पर सीजेएम का बड़ा आदेश, तत्कालीन एसडीएम समेत कई पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
फर्जीवाड़ा, कूटरचना व मिलीभगत के आरोपों की होगी पुलिस जांच, 10 दिनों में आख्या देने का आदेश
गोण्डा।
तरबगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम गौहानी स्थित कथित शत्रु सम्पत्ति से जुड़े बहुचर्चित मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) गोण्डा ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। न्यायालय ने थाना तरबगंज पुलिस को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173(4) के तहत एफआईआर दर्ज कर विधिसम्मत विवेचना करने का निर्देश दिया है।
न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया गया है कि शत्रु सम्पत्ति के राजस्व अभिलेखों में कथित रूप से कूटरचना, ओवरराइटिंग और मिलीभगत के जरिए अवैध प्रविष्टियां दर्ज कराई गईं। इसके बाद भूमि के हस्तांतरण और विक्रय की प्रक्रिया अपनाकर सरकारी हितों को प्रभावित किया गया। मामले में तत्कालीन उपजिलाधिकारी (एसडीएम) तरबगंज, तत्कालीन हल्का लेखपाल, राजस्व कर्मियों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सीजेएम ने अपने आदेश में कहा कि प्रार्थना-पत्र एवं प्रस्तुत अभिलेखों के अवलोकन से प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का संकेत मिलता है। ऐसे में संबंधित थाना प्रभारी को निर्देशित किया जाता है कि विधि के अनुरूप अभियोग पंजीकृत कर निष्पक्ष एवं प्रभावी विवेचना कराई जाए। साथ ही एफआईआर दर्ज किए जाने की आख्या 10 दिनों के भीतर न्यायालय में प्रस्तुत की जाए। बताया जा रहा है कि विवादित भूमि को प्रार्थना-पत्र में शत्रु सम्पत्ति बताया गया है। आरोप है कि राजस्व अभिलेखों में कथित हेराफेरी कर भूमि पर अवैध अधिकार स्थापित करने और उसके विक्रय का प्रयास किया गया। न्यायालय के आदेश के बाद अब पूरे मामले की पुलिस स्तर पर विस्तृत जांच होगी। विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों की भूमिका तय की जाएगी।
महादेव मौर्या





