September 21, 2026

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सब्जी लेने निकले युवक की संदिग्ध मौत, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल, परिजन बोले- हत्या, पुलिस बोली- हादसा

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सब्जी लेने निकले युवक की संदिग्ध मौत, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल: परिजन बोले- हत्या, पुलिस बोली- हादसा

कटरा बाजार में 20 वर्षीय प्रदीप की मौत से दहशत, ग्रामीणों में आक्रोश; पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज

गोण्डा। जिले की कानून व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कटरा बाजार थाना क्षेत्र में शनिवार देर शाम सब्जी लेने निकले 20 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। एक तरफ परिजन इसे पुरानी रंजिश में की गई निर्मम हत्या बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ पुलिस इसे महज सड़क हादसा करार देकर पल्ला झाड़ने में जुटी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कटरा बाजार थाना क्षेत्र के अशोकपुर मजरा दूबेपुरवा निवासी प्रदीप दूबे (20) शनिवार शाम घर से मदरहवा चौराहा सब्जी लेने निकला था। परिजनों के अनुसार, वापस लौटते समय गंडाही ग्राम पंचायत के अहिरन पुरवा के पास पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उसे घेर लिया और धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। घायल प्रदीप की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़े, लेकिन तब तक हमलावर मौके से फरार हो चुके थे। लहूलुहान हालत में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा बाजार ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का फूटा गुस्सा, गांव में तनाव

प्रदीप तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों ने जाटन पुरवा गांव के कुछ लोगों पर पुरानी रंजिश के चलते हत्या का सीधा आरोप लगाया है। आरोप है कि वारदात के बाद से आरोपी परिवार घर में ताला लगाकर फरार हैं, जो कहीं न कहीं हत्या की आशंका को बल देता है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

चौंकाने वाली बात यह है कि शरीर पर धारदार हथियार के निशान होने के बावजूद कटरा बाजार पुलिस प्रथम दृष्टया इसे एक्सीडेंट बता रही है।
थानाध्यक्ष अजय कुमार तिवारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। सवाल यह उठता है कि यदि यह हादसा है तो आरोपी फरार क्यों हैं? और यदि हत्या है तो पुलिस इसे हादसा बताकर मामले को हल्का क्यों कर रही है?
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते गश्त और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त होती तो शायद प्रदीप आज जिंदा होता। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू करने की बात कही है, लेकिन परिजन हत्यारों की गिरफ्तारी पर अड़े हैं। प्रदीप दूबे की मृत्यु की जानकारी मिलने पर क्षेत्र के पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने प्रशासन से प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की, ताकि परिवार को न्याय मिल सके।

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