500 वर्ष पुराने सिद्धेश्वर मंदिर में आस्था का महासंगम, 61 फीट ऊंचा विशाल त्रिशूल बना श्रद्धा का केंद्र
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शाहगंज अयोध्या
सावन मास के प्रथम सोमवार को शाहगंज स्थित प्राचीन सिद्धेश्वर मंदिर में धार्मिक आस्था और सनातन परंपरा का भव्य संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर में 61 फीट ऊंचा एवं 11 फीट चौड़ा विशाल त्रिशूल स्थापित होने के बाद आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में साधु-संतों, श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वही ंपर महिलाओं ने गाजे बाजे के साथ भारी संख्या में निकली कलश यात्रा
पूरे क्षेत्र में “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।
धार्मिक आयोजन के अंतर्गत 365 संतों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 125 किलो सामग्री से विशेष हवन संपन्न कराया गया। यज्ञ में क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की गई। हवन के उपरांत श्रद्धालुओं ने विशाल त्रिशूल के दर्शन कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम का आयोजन भाजपा के पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा के सानिध्य में संपन्न हुआ। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और धार्मिक स्थलों के संरक्षण का संदेश दिया। आयोजन के दौरान विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
ग्रामीणों के अनुसार सिद्धेश्वर मंदिर का इतिहास लगभग 500 वर्ष पुराना है और यह क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। विशाल त्रिशूल की स्थापना के बाद मंदिर की धार्मिक पहचान और अधिक मजबूत हुई है। पूरे आयोजन में अनुशासन, श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। देर शाम तक श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना लगातार जारी रहा और पूरा परिसर शिवभक्ति में सराबोर दिखाई दिया।

