रास्ते का विवाद थमने का नहीं ले रहा नाम, पीड़ित परेशान—हो सकती है बड़ी घटना! दबंग दे रहे प्रशासन को खुली चुनौती
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बीकापुर, अयोध्या।
तहसील बीकापुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत दशरथपुर के मजरे चपरासी का पुरवा में रास्ते को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पीड़ित महेंद्र प्रताप तिवारी का आरोप है कि कुछ दबंग व्यक्तियों द्वारा सार्वजनिक रास्ते पर लगातार निर्माण कार्य कर मार्ग को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित का दावा है कि रास्ते को लेकर न्यायालय एवं राजस्व अधिकारियों के स्तर से पूर्व में रोक के आदेश भी जारी किए जा चुके हैं, बावजूद इसके निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया गया।
2003 से न्याय की लड़ाई, 2018 में मिला आदेश
पीड़ित महेंद्र तिवारी के अनुसार उन्होंने वर्ष 2003 से 2017 तक एसडीएम न्यायालय में रास्ते को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ी और मामले में सफलता हासिल की। इसके क्रम में जून 2018 में न्यायालय से आदेश प्राप्त हुआ। पीड़ित का आरोप है कि आदेश के बावजूद मौके पर उसका प्रभावी अनुपालन नहीं कराया जा रहा है।
पीड़ित के मुताबिक 1 जून 2026 को विपक्षी पक्ष द्वारा रास्ते पर नींव खोदकर मार्ग को बाधित करने का प्रयास किया गया। इसकी शिकायत जिलाधिकारी अयोध्या से भी की गई, लेकिन पीड़ित के अनुसार अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। बाद में मौके पर पहुंचे अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला किसी तरह शांत हुआ।
दोबारा निर्माण शुरू करने का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि अब दोबारा दीवार खड़ी कर रास्ते की तरफ करीब ढाई फीट का छज्जा निकाला जा रहा है। उनका कहना है कि एसडीएम एवं पुलिस प्रशासन की ओर से मौखिक रूप से निर्माण रोकने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी है।
महेंद्र तिवारी का यह भी आरोप है कि विपक्षी पक्ष द्वारा उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट पर आमादा होने की स्थिति पैदा की जा रही है। पीड़ित ने आशंका जताई है कि यदि तहसील एवं पुलिस प्रशासन ने समय रहते मामले में प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया तो भविष्य में कोई बड़ी घटना हो सकती है।
अधिकारियों से कई बार शिकायत का दावा
पीड़ित के अनुसार उन्होंने बीकापुर कोतवाली, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, कानूनगो एवं लेखपाल सहित संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की है। उनका आरोप है कि अधिकारियों की ओर से कार्रवाई का आश्वासन तो दिया जाता है, लेकिन मौके पर निर्माण पूरी तरह रुक नहीं पा रहा है।
दूरभाष पर हुई बातचीत में संबंधित लेखपाल ने बताया कि उनकी ओर से निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन आरोपित पक्ष द्वारा दोबारा निर्माण शुरू कर दिया गया है।
पीड़ित ने प्रशासन से न्यायालय एवं राजस्व आदेशों का प्रभावी अनुपालन कराने, रास्ते को अवरुद्ध होने से बचाने तथा विवाद को बढ़ने से पहले आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल रास्ते का यह विवाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन मामले में कथित निर्माण को रोकने और विवाद को शांत कराने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है, या मामला आगे भी शिकायत और आश्वासन तक ही सीमित रहता है।

