एचआईवी जागरूकता दो दिवसीय कैंप, मेरा स्वास्थ्य मेरी जिम्मेदारी के तहत दी गई अहम जानकारियां
1 min readजिला अस्पताल में एचआईवी जागरूकता दो दिवसीय कैंप, मेरा स्वास्थ्य मेरी जिम्मेदारी के तहत दी गई अहम जानकारियां
अयोध्या
एचआईवी/एड्स को लेकर समाज में आज भी कई तरह की भ्रांतियां और गलत धारणाएं मौजूद हैं।
इन्हें दूर करने और लोगों को संक्रमण से बचाव, समय पर जांच तथा नियमित उपचार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य दो दिवसीय जिला अस्पताल स्थित एआरटी सेंटर में जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया।
कैंप में मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों को एचआईवी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई गईं।
कार्यक्रम में नोडल अधिकारी डॉ. मोहम्मद अकरम ने एचआईवी संक्रमण के प्रति जागरूकता को बेहद जरूरी बताया कहा कि सही जानकारी के अभाव में लोग कई बार अनावश्यक डर और सामाजिक भेदभाव का शिकार हो जाते हैं।
साथ ही साथ कहा लोगों को एचआईवी से बचाव के उपायों, समय पर जांच कराने और चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार उपचार जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
मेडिकल ऑफिसर डॉ. आर.पी. राय ने स्वास्थ्य संबंधी जरूरी पहलुओं पर जानकारी साझा करते हुए लोगों को सावधानी बरतने का संदेश दिया।
वहीं डेंटल सर्जन डॉ. विनोद शुक्ला ने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का समय पर लाभ उठाने पर जोर दिया।
साथ ही साथ फार्मासिस्ट देवाशीष तिवारी ने कहा कि एचआईवी एक गंभीर बीमारी है,लेकिन नियंत्रित की जा सकने वाली बीमारी है। यदि समय पर जांच, नियमित दवा का सेवन और चिकित्सकीय परामर्श का पालन करके एचआईवी संक्रमित व्यक्ति भी सामान्य एवं स्वस्थ जीवन जी सकता है।
यही ही नहीं श्री तिवारी ने लोगों से अपील भी की कि वे एचआईवी से जुड़ी भ्रांतियों को त्यागें और जागरूकता फैलाने में सहयोग करें।
कैंप में काउंसलर अजय मिश्रा, स्टाफ नर्स अरुणा पांडे, डाटा मैनेजर एस.के. त्रिपाठी, मैनेजर अंगद कुमार,कमलेश कुमारी, निधि मिश्रा, प्रीति कुमारी, अनिल श्रीवास्तव, स्वाती श्रीवास्तव तथा संपूर्ण सुरक्षा योजना के काउंसलर रमेश पांडे मौजूद रहे।
स्वास्थ्यकर्मियों ने उपस्थित लोगों को एचआईवी की रोकथाम, जांच, उपचार और एआरटी सेंटर पर उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान जागरूकता सामग्री भी वितरित की गई। प्रतिभागियों को एचआईवी हेल्पलाइन और एआरटी सेंटर की सेवाओं के बारे में बताया गया, ताकि जरूरतमंद लोग समय रहते उचित स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त कर सकें।
कैंप का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही रहा कि एचआईवी को लेकर डर और अफवाहों के बजाय सही जानकारी जरूरी है। समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित उपचार से संक्रमित व्यक्ति बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
साथ ही समाज की जिम्मेदारी है कि एचआईवी से प्रभावित लोगों के साथ भेदभाव करने के बजाय उन्हें सहयोग और सम्मान दिया जाए।
जागरूकता कैंप के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ने लोगों तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया कि बीमारी से लड़ाई केवल उपचार से नहीं, बल्कि सही जानकारी, समय पर जांच, नियमित चिकित्सा और सामाजिक जागरूकता से भी मजबूत होती है।
ब्यूरो रिपोर्ट

