कोर्ट के बाहर खूनी संघर्ष, तारीख पर आए दो पक्षों में चले लाठी-डंडे जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप
1 min readबाड़ी कोर्ट के बाहर खूनी संघर्ष, तारीख पर आए दो पक्षों में चले लाठी-डंडे जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप,
बाड़ी,
बाड़ी शहर में सोमवार को न्यायालय परिसर के बाहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जमीन विवाद में कोर्ट की तारीख पर आए दो पक्षों के बीच अचानक हिंसक झड़प हो गई। दिनदहाड़े हुए इस घटनाक्रम में जमकर लाठी-डंडे और लोहे की सरियां चलीं। हमले में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि मंदिर से दर्शन कर लौट रही कुछ महिला श्रद्धालु भी झगड़े की चपेट में आकर चोटिल हो गईं। घटना के बाद कोर्ट परिसर के बाहर भगदड़ जैसे हालात बन गए।
पीड़ित रामगणेश गुर्जर, निवासी सुखसिंह का पूरा (थाना सोने का गुर्जा), ने बताया कि वह अपने परिजनों हरवीर और सतबीर के साथ जमीन विवाद के मामले में कोर्ट की तारीख पर बाड़ी आए थे। आरोप है कि जैसे ही वे कोर्ट परिसर के बाहर पीपल के पेड़ के पास पहुंचे, वहां पहले से मौजूद दूसरे पक्ष के लोगों ने उन्हें घेर लिया।पीड़ित के अनुसार, निहाल सिंह, औतार, बलदेव, बनवारी, कृष्णा सहित करीब एक दर्जन लोगों ने लाठी-डंडों और लोहे की सरियों से हमला कर दिया। करीब पांच मिनट तक चले इस संघर्ष में हरवीर और रामगणेश गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने उनकी मोटरसाइकिल में भी तोड़फोड़ की।घटना के दौरान पास स्थित मंदिर से दर्शन कर लौट रही कुछ महिला श्रद्धालु भी झगड़े की चपेट में आ गईं और उन्हें भी चोटें आईं। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।घटना की सूचना मिलते ही बाड़ी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए भेजते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया।
क्या कहती है पुलिस।
बाड़ी कोतवाली के एएसआई नीरज शर्मा ने बताया कि पीड़ित पक्ष की ओर से नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच खेत की जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा है और उसी मामले में कोर्ट में तारीख थी।पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है तथा न्यायालय परिसर के बाहर कानून व्यवस्था भंग करने और मारपीट में शामिल आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो

