पत्रकारों के साथ अभद्रता पर आक्रोश, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन- दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
1 min readगोंडा।
दिल्ली के साकेत थाने में महिला पत्रकारों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा की गई अभद्रता व मारपीट के विरोध में मंगलवार को पत्रकार समाज कल्याण समिति ने कड़ा रुख अपनाया।
जिला अध्यक्ष नरेंद्र लाल गुप्ता की अध्यक्षता में समिति के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, भारत सरकार, नई दिल्ली को ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि महिला पत्रकारों का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने शासन में बैठे लोगों से सवाल पूछा था। सवाल पूछना पत्रकारों का जन्मसिद्ध अधिकार है, क्योंकि चौथे स्तंभ के नाते यही तो हमारा दायित्व है। सिर्फ सवाल पूछने पर महिला पत्रकारों को मारा-पीटा गया, जिसकी पत्रकार समाज कल्याण समिति घोर निंदा करती है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें 15 दिनों के अंदर दंडित नहीं किया गया, तो समिति सरकार विरोधी नारों के साथ धरना-प्रदर्शन शुरू करने को बाध्य होगी।
जिला अध्यक्ष नरेंद्र लाल गुप्ता ने कहा, “शासन-प्रशासन में बैठे लोग पत्रकारों को निरीह व कमजोर न समझें। जिस दिन पत्रकारों में एकता जाग जाएगी, उस दिन सारे दोषी भाग जाएंगे। महिला पत्रकारों को समय से न्याय मिलना चाहिए।”
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष नरेंद्र लाल गुप्ता, जयप्रकाश ओझा, दीपक श्रीवास्तव, मोहम्मद अयूब, रियाज अहमद, हामिद अली, रक्षा राम पाठक एवं सुधीर कुमार सोनी आदि पत्रकार मौजूद रहे।

