अवैध सीएनजी व हाइड्रो सिलेंडर लगाकर संचालित वाहनों के विरुद्ध परिवहन विभाग का स्पेशल ड्राइव पर ताबड़तोड़ कार्रवाई से हड़कंप
1 min readधौलपुर राजस्थान।

परिवहन विभाग ने जिले में आमजन की सुरक्षा को ताक पर रखकर अवैध रूप से अनधिकृत सीएनजी एवं हाइड्रो सिलेंडर लगाकर दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाकर ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इस सघन जांच अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले दर्जनों वाहनों को जब्त किया गया तथा भारी जुर्माना वसूला गया।
गौरव यादव, जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि कार्यालय के गठित विशेष प्रवर्तन उडनदस्तों ने जिले के प्रमुख सीएनजी फिलिंग पंप, चौराहों, हाईवे और व्यावसायिक मार्गों पर नाकाबंदी कर वाहनों की बारीकी से जांच की। सीएनजी फिलिंग पंप स्वामियों को जागरूक किया गया।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु-
अवैध सीएनजी किट व गैर-प्रमाणित सिलेंडर जांच के दौरान कई निजी व व्यावसायिक वाहनों में बिना स्वीकृत, अवैध सीएनजी किट और बिना टेस्टिंग वाले हाइड्रो सिलेंडर लगे पाए गए, जो किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते थे।
चालान एवं जब्ती- अभियान के तहत कुल 88 वाहनों की जांच की गई, जिनमें से 41 वाहनों का मौके पर चालान किया गया तथा गंभीर लापरवाही पाए जाने पर 40 वाहनों को सीज या जब्त कर कार्यालय में खड़ा करवाया गया।
अब उक्त वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की कार्यवाही की जावेगी।
परिवहन विभाग द्वारा जिले में सीएनजी फिलिंग स्टेशन को नोटिस जारी कर नियमों की पालना करने हेतु पाबंद किया गया है। साथ ही जिला रसद अधिकारी को स्वयं के स्तर पर अवैध रूप से सीएनजी फिलिंग करने पर कार्यवाही करने हेतु लिखा गया है। भविष्य में यदि बिना वैध हाइड्रोस्टेटिक सिलेंडर टेस्टिंग प्रमाण पत्र के वाहनों में सीएनजी भरना पाया जाता है तो संबंधित पंप संचालक के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है तथा सीएनजी आपूर्ति भी निलंबित की जा सकती है।
सार्वजनिक सड़कों पर अवैध या गैर-मानक सीएनजी व हाइड्रो सिलेंडर का उपयोग करना सीधे तौर पर बारूद के ढेर पर बैठने जैसा है। यह न केवल वाहन चालक बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य निर्दाेष लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा है। नियमों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी वाहन मालिक या अवैध किट लगाने वाले सेंटरों को बख्शा नहीं जाएगा।
जिला परिवहन अधिकारी द्वारा वाहन चालकों एवं आमजन से अपील की गई कि अधिकृत सेंटर सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त और प्रमाणित सेंटरों से ही सीएनजी, एलपीजी किट फिट करवाएं। समय पर टेस्टिंग करवाएं, हाइड्रो सिलेंडर की समय-सीमा पूरी होने पर नियमानुसार उसकी प्रेशर टेस्टिंग अनिवार्य रूप से करवाएं।
आरसी में दर्ज कराएं- वाहन में किसी भी तरह के ईंधन संशोधन को आरटीओ से अपने पंजीयन प्रमाण पत्र में अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अवैध रूप से संचालित ऐसे वाहनों और अनधिकृत सिलेंडर रिफिलिंग/फिटिंग करने वाले वाहनोें के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो
