मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पीडब्लूडी विभाग से हुए भ्रष्टाचार को क्या इंडी,सीबीआई,आइबी, आदि जैसे नामी जांच कम्पनी क्या जांच करेंगे
1 min readसुलतानपुर जिले के तहसील कादीपुर के चांदा शाहपुर जंगल कादीपुर दोस्तपुर शाही पुल दूरी लगभग 22 किलोमीटर, होते हुए अम्बेडकर नगर चली जाती है जिसमें पीडब्ल्यूडी मंत्री के मंत्री व विधायक एवं ठेकेदार के मिली भगत सम्पूर्ण सड़क बिना कार्य पूर्ण किये 18.05 करोड रूपए डकार गए आखिर इस भ्रष्टाचार का जिम्मेदार कौन?
सुलतानपुर
आपको बताते चलें कि सुलतानपुर जिले के तहसील कादीपुर विधानसभा 191 जिसके विधायक राजेश गौतम के द्वारा कादीपुर सन् 2017 से 2018 में चौड़ीकरण व सुदृढ़ कार्य शुरु हुआ, और शाहपुर जंगल से कादीपुर से दोस्तपुर शाही पुल लगभग 22 किलोमीटर की दूरी का ठेका मंत्री मोती सिंह के भतीजे को ठेका मिला और उन्होंने आधा अधूरा सड़क निर्माण कार्य कराकर छोड़ दिया।एक दिन ऊपर के आदेश लेकर पहुंचे और मंत्री ने पूरा पैसा अधिकारियों से लेकर चले ऐसा सूत्रों से जानकारी प्राप्त हुआ। और कई शिकायत करने के बाद कोई जवाब नहीं दिया गया। क्योंकि जब ऊपर की बात होती है।तब कुर्सी छोड़ कर भागते हैं अधिकारी, हुआ। पीडब्ल्यूडी के द्वारा 34 सड़कों की सूची घोषित कर दिया।जिसके बाद जनता और सोशल मीडिया पर पर तहलका मचाने लगा।उस समय पीडब्ल्यूडी अधिकारी सन्तोष मणि त्रिपाठी से सड़क मार्ग निर्माण कार्य पूर्ण करने की शिकायतों के बाद भी पूर्ण नहीं किया गया। उन्होंने कहा की पूर्ण करा दिया जाएगा। लेकिन आज तक इस सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया गया, और पैसा भी निकाल दिया गया।जो अधिकारियों की घोर लापरवाही एवं भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण सबूत हैं। प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उन वादों क्या हुआ चिल्लू भर पानी डूब मरना चाहिए।ना खाऊंगा और न खाने देंगे, जीरो टॉलरेंस नीति बनाने वाले भ्रष्टाचारियों की जांच होनी चाहिए। यहां भ्रष्टाचार का धन किस किस अधिकारी व नेताओं के जेब में कितना प्रतिशत पैसा गया है।यह जनता पूछ रहीं हैं। जनता के टैक्स के पैसे का असली गुनहगार कौन-कौन हैं।इसका जवाब देना चाहिए। गिट्टी, सीमेंट, मोरंग बालू, मजदूरी डामर रोड की ऊंचाई गहराई कितना मानक तय किए गए हैं।और इंजीनियर के द्वारा मानक तय किए गए थे या नहीं, इंजिनियर ने कितना प्रतिशत मानक तय किया था उस हिसाब से सड़क का निर्माण हुआ कि नहीं,इन सभी बिन्दुओं पर, ED,CBI, को जांच करना चाहिए जिसे भष्टाचार ऊजागर हो सके, और जनता को भाजपा सरकार मंत्री,विधायक, अधिकारी के घरो में जनता के टैक्स के पैसौ काले धन का खुलासा हो सके।
अजय त्रिपाठी


