अवैध खनन के खिलाफ युवाओं का हल्ला बोल प्रदर्शन जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
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बांदा में भीषण गर्मी और अवैध खनन के खिलाफ युवाओं का हल्ला बोल
जिलाधिकारी को सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन, प्रशासनिक आश्वासन के बाद आंदोलन जारी
बांदा
जनपद में लगातार बढ़ते तापमान, भीषण जलसंकट और हो रहे अंधाधुंध अवैध खनन के विरोध में आज जिले के जागरूक युवाओं और नागरिकों ने जिलाधिकारी कार्यालय के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन और धरना दिया। सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए युवाओं ने बांदा के पर्यावरण को बचाने के लिए हुंकार भरी और शासन-प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी दर्ज कराई।
आंदोलनकारी युवाओं ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित करते हुए एक 10 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में बांदा के बिगड़ते पर्यावरण और जनसमस्याओं के समाधान हेतु निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गई हैं:
विशेषज्ञ समिति का गठन: बांदा के बढ़ते तापमान के कारणों के अध्ययन हेतु विशेषज्ञ समिति गठित हो जो नीति निर्माण और क्रियान्वयन करे।
शिकायत निवारण समिति: अवैध खनन और वृक्षों की कटाई की शिकायतों के लिए न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक सक्रिय और स्वतंत्र समिति का गठन हो।
पर्यावरण संरक्षण: वृक्षों की अंधाधुंध कटाई पर तत्काल रोक लगे और जनपद का हरित क्षेत्र मौजूदा 2 प्रतिशत से बढ़ाकर न्यूनतम 15 प्रतिशत किया जाए। केवल वृक्षारोपण ही नहीं, उनके प्रबंधन और प्रतिस्थापन दर पर जोर दिया जाए।
खनन पर प्रभावी रोक: केन नदी में अवैध खनन माफियाओं पर नकेल कसी जाए, पोकलैंड मशीनों द्वारा खनन बंद हो और भूजल स्तर व नदी की जैव विविधता को बचाया जाए।
जल संरक्षण: जलसंकट के समाधान के लिए तालाबों व नहरों से अतिक्रमण हटाकर उनका पुनरुद्धार किया जाए और सार्वजनिक इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य हो।
पहाड़ों का संरक्षण: गिरवाँ व नरैनी क्षेत्र में पहाड़ियों का खनन रोका जाए, जो गर्म हवाओं को अवरोधित करने का काम करती हैं।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे युवाओं ने कहा कि बांदा का तापमान एशिया में सबसे अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे किसान, मजदूर और आम जनमानस बुरी तरह प्रभावित है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं।
जिलाधिकारी ने युवाओं की मांगों को गंभीरता से सुना और उन्हें जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम नहीं दिखते।
आज के इस प्रदर्शन में समाज के सभी वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस मौके पर अभिषेक शुक्ला, विनय निगम, लव सिन्हा, शैलेंद्र कुमार वर्मा, अभय प्रताप सिंह, अरविंद श्रीवास्तव, दीपक गुप्ता, अंकित आंबेडकर, राजेश अवस्थी, राकेश बाजपेई, अमित सेठ भोलू, राहुल द्विवेदी, अभिषेक बाजपेई, गोमित तिवारी, रजत दुबे, यश त्रिवेदी, अतुल साहू, ॐ अवस्थी, आशीष अवस्थी, देवेंद्र अवस्थी, शिवा शुक्ला, अंकुर तिवारी, कुनाल श्रीवास, प्रदीप कुमार मिश्रा, पवन साहू, अखिलेश कुमार, संतोष कुमार द्विवेदी, रामशंकर राजपूत, अंशु निगम, शिवा निगम, अनिकेत गुप्ता, धीरज मिश्रा, अंकित वर्मा, योगराज सिंह, अनुपम अवस्थी, अजय दिवाकर, शुभम सिंह, सीमान्त खरे, अजीत पटेल, समीर कुरैशी, सीमा खान, सुनीता निगम, सुनील सक्सेना, सचिन चतुर्वेदी, सलमान खान, प्रदीप त्रिपाठी, भगत सिंह, आशीष पाठक, सूरज प्रजापति आदि सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

