पत्रकार के अपहरण और हत्या की खौफनाक साजिश, काली ‘थार’ सवार असलहाधारी बदमाशों का तांडव, पुलिस खाली हाथ
1 min readपत्रकार ऋषि राज मिश्रा के अपहरण और हत्या की खौफनाक साजिश, काली ‘थार’ सवार असलहाधारी बदमाशों का तांडव
सुल्तानपुर के धनपतगंज इलाके में सरेआम असलहे लहराते हुए पहुंचे 5-6 अज्ञात बदमाश।
पत्रकार के न मिलने पर बौखलाए गुंडों ने दो निर्दोष युवकों को बेरहमी से पीटा।
साजिश के तहत एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता का नाम लेकर उन्हें बदनाम करने की हुई कोशिश।
अज्ञात हमलावरों के खिलाफ दी गई तहरीर, सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग।
धनपतगंज सुल्तानपुर
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। धनपतगंज थाना क्षेत्र के बटपरवा इलाके में बेखौफ असलहाधारी बदमाशों ने स्थानीय पत्रकार ऋषिराज मिश्रा का अपहरण कर उनकी हत्या करने की दुस्साहसिक साजिश रची। गनीमत यह रही कि वारदात के समय पत्रकार मौके पर मौजूद नहीं थे। बौखलाए बदमाशों ने वहां मौजूद दो बेगुनाह युवकों पर अपना कहर बरपाया और उन्हें बुरी तरह पीट दिया। इस घटना के बाद इलाके में भारी दहशत का माहौल है।
शराब के नशे में धुत थे बदमाश, लहरा रहे थे रिवॉल्वर
मिली जानकारी और पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, यह पूरी घटना 8 जून 2026 की शाम करीब 7:30 बजे की है। बटपरवा क्षेत्र में अचानक एक बिना नंबर प्लेट की काली ‘थार’ गाड़ी आकर रुकी। गाड़ी के आगे मोटे अक्षरों में “जिला पंचायत सदस्य” लिखा हुआ था। इस गाड़ी से 5-6 की संख्या में अज्ञात बदमाश उतरे, जो शराब के नशे में पूरी तरह धुत थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इन बदमाशों के हाथों में रिवॉल्वर थीं और वे सरेआम असलहे लहराते हुए पत्रकार ऋषि राज मिश्रा को ढूंढ रहे थे।
अपहरण और हत्या के थे स्पष्ट मंसूबे
बदमाशों ने आसपास की चाय की दुकानों और स्थानीय लोगों से पत्रकार का मोबाइल नंबर और निजी जानकारी निकालने का दबाव बनाया। उनका स्पष्ट मकसद पत्रकार का अपहरण कर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देना था। जब वे पत्रकार को नहीं खोज पाए, तो उन्होंने खुलेआम गालियां देते हुए धमकी दी कि— “वह जब भी मिलेगा, उसे जान से मार दिया जाएगा।” इसी बौखलाहट में उन्होंने वहां खड़े दो स्थानीय युवकों की बेरहमी से पिटाई कर दी।
जांच भटकाने और अधिवक्ता को बदनाम करने की साजिश
इस पूरी वारदात में एक गहरी साजिश की बू भी आ रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ये अपराधी जानबूझकर शहर के एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता का नाम जोर-जोर से ले रहे थे। माना जा रहा है कि इस कुत्सित प्रयास के पीछे मुख्य उद्देश्य उस अधिवक्ता की छवि खराब करना और पुलिस की जांच को गुमराह करना था, ताकि असली साजिशकर्ता बचे रहें।
कार्रवाई का इंतजार, पुलिस के हाथ अब तक खाली
जानमाल के इस गंभीर खतरे को देखते हुए, पीड़ित पत्रकार ऋषिराज मिश्रा ने धनपतगंज थाने में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ नामजद तहरीर दे दी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि शंकरगढ़, मझवारा रोड और बटपरवा क्षेत्र के सभी सरकारी और निजी सीसीटीवी कैमरों की तत्काल जांच की जाए, ताकि इन असलहाधारी बदमाशों की शिनाख्त कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।
घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा अभी तक किसी भी आरोपी का पर्दाफाश न होना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। प्रशासन से तत्काल इस मामले में निष्पक्ष जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

