June 7, 2026

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जनसुनवाई को प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने हेतु नई व्यवस्था लागू, 216 शिकायतों में 53 का मौके पर निस्तारण

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नव निर्मित तहसील बल्दीराय में प्रथम सम्पूर्ण समाधान दिवस का हुआ आयोजन, जिलाधिकारी महोदय ने जनसमस्याओं के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर दिया विशेष बल।

जनसुनवाई को प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने हेतु नई व्यवस्था लागू, 216 शिकायतों में 53 का मौके पर निस्तारण।

 सुलतानपुर
शासन के निर्देशों के क्रम में माह जून के प्रथम शनिवार को नव निर्मित तहसील बल्दीराय सभागार में प्रथम सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक चारु निगम तथा मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह ने जनसामान्य की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।
        सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान जनसुनवाई प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से विशेष व्यवस्था लागू की गई। प्रत्येक शिकायतकर्ता को पहले संबंधित विभागीय अधिकारी के पास भेजा गया, जहां अधिकारी द्वारा शिकायत पत्र पर समस्या के समाधान एवं आवश्यक कार्यवाही के संबंध में अपनी टिप्पणी अंकित की गई। तत्पश्चात शिकायतकर्ता  सम्बन्धित  अधिकारी के साथ जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक महोदया के समक्ष उपस्थित होकर प्रकरण की वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए समाधान की प्रगति प्रस्तुत कर रहे थे। इस व्यवस्था की जिलाधिकारी ने सराहना करते हुए इसे जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
       जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित करते हुए कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस आम जनता की समस्याओं के निराकरण का महत्वपूर्ण मंच है। अतः सभी अधिकारी समय से उपस्थित रहकर प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनें और उसका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने राजस्व, पुलिस एवं विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक शिकायतों की जांच कर वास्तविक तथ्यों पर आधारित गुणवत्तापूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत करें। शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता न निभाई जाए, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतकर्ता समाधान से पूर्णतः संतुष्ट हो। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता एवं जवाबदेही सर्वाेपरि है। उन्होंने शिकायतकर्ताओं की सुविधा के लिए बैठने एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए।
      उन्होंने यह भी कहा कि शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक सही एवं पारदर्शी तरीके से पहुंच रहा है या नहीं, इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाएगी।
      सम्पूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 216 शिकायती प्रार्थना पत्र’ प्राप्त हुए। इनमें से 53 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण’ कर संबंधित शिकायतकर्ताओं को राहत प्रदान की गई। शेष मामलों को संबंधित विभागों को हस्तांतरित करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने सरैया माफी क्षेत्र से संबंधित प्रकरण में लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक को स्पष्ट टिप्पणी अंकित करते हुए यह बताने के निर्देश दिये कि संबंधित मामले में कब स्थल निरीक्षण किया जायेगा तथा कब तक आवश्यक कार्यवाही पूर्ण की जायेगी। साथ ही सीमांकन संबंधी प्रकरण में धारा-24 के अंतर्गत आवश्यक कार्यवाही करने हेतु लेखपाल को निर्देशित किया गया।
डेहरियावां लेखपाल नामवर सिंह के विरुद्ध प्राप्त शिकायत पत्र का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने विभागीय कार्यवाही के निर्देश देते हुए उपजिलाधिकारी बल्दीराय को मामले की निष्पक्ष जांच कर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने नव निर्मित तहसील भवन में एक सप्ताह के भीतर तहसील कार्यालय को पूर्ण रूप से स्थानांतरित करने के भी निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन न करने वाले किसी भी राजस्व कर्मी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान पाया कि लेखपाल स्तर पर आईजीआरएस के 35 प्रकरणों में मात्र 08 प्रकरणों में ही शिकायतकर्ता संतुष्ट पाये गये हैं, जिस पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया।
समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि उपजिलाधिकारी न्यायालय में सर्वाधिक वाद लंबित हैं तथा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों में जनपद प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। धारा-176 के अंतर्गत 119 वाद लंबित पाये गये तथा राजस्व अभिलेखों में त्रुटियों के 225 प्रकरण लंबित हैं।
अमल- दरामत के कुल 361 प्रकरण लंबित पाये जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित लिपिक को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देशित किया कि सोमवार सायं तक लंबित प्रकरणों का निस्तारण कर शून्य किया जाये तथा तहसीलदार के साथ स्वयं उपस्थित होकर प्रगति से अवगत कराया जाये, अन्यथा कठोर कार्यवाही की जायेगी।
सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे के 431 प्रकरण लंबित पाये गये, जिनमें से 26 प्रकरण तुलसीपुर क्षेत्र से संबंधित हैं। प्रकरणों के अत्यधिक लंबित रहने पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिये।
उन्होंने विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि विद्युत आपूर्ति एवं संबंधित शिकायतों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाये। साथ ही सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समय-सीमा से शिकायतकर्ता को अवश्य अवगत कराया जाये। उन्होंने विशेष रूप से डिप्टी आरएमओ, समाज कल्याण, कृषि, राजस्व एवं पुलिस विभाग से संबंधित मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर बल दिया।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 216 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से शेष प्रकरणों का त्वरित निस्तारण कर अवगत कराने के निर्देश दिये गये। जिलाधिकारी ने लेखपाल संघ के अध्यक्ष से वेतन सहित अन्य विभागीय समस्याओं के संबंध में सुझाव एवं जानकारी उपलब्ध कराने को कहा।
उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के अंतर्गत भुगतान की स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने सभी तहसील स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी कार्यप्रणाली में सकारात्मक परिवर्तन एवं सुधार लाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सभी कार्य नियमों के अनुरूप एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ किये जायें। किसी भी प्रकार के दबाव अथवा भय में आये बिना जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करना सुनिश्चित किया जाये।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में नवाचार एवं सुधार के लिए यदि किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी के पास कोई व्यवहारिक सुझाव हो तो उसे अवश्य प्रस्तुत करें। समाधान दिवस परिसर में आयोजित विशेष शिविर में 05 राशन कार्ड जारी किये गये तथा विद्युत विभाग द्वारा 09 विद्युत संयोजन प्रदान किये गये।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिविर में उपस्थित कोई भी अधिकारी अथवा कर्मचारी अपनी व्यक्तिगत अथवा विभागीय समस्या भी साझा कर सकता है। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी शिकायतकर्ता अथवा लाभार्थी का कार्य बिना उचित कारण के लंबित न रखा जाये, अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी। साथ ही धारा 107/16 की कार्यवाही प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश भी दिये गये।
अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी जनता की सेवा के लिए नियुक्त हैं। जनसामान्य के कार्यों का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित करते हुए ईमानदारी, सत्यनिष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
इसी प्रकार जनपद की अन्य समस्त तहसीलों में भी सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन कर आमजन की शिकायतें सुनी गईं तथा तहसील स्तरीय अधिकारियों द्वारा उनके निस्तारण हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे जनता का विश्वास प्रशासन पर और अधिक सुदृढ़ हो। सम्पूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय एवं तहसील स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे तथा जनसामान्य की समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की गई।

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