हरा-भरा बनाने के लिए “गोपालवन” की अनूठी पहल
1 min readबांदा को हरा-भरा बनाने के लिए “गोपालवन” की अनूठी पहल
वृक्षारोपण अभियान में होगी जनभागीदारी
मुख्य विकास अधिकारी श्री अजय कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में वृक्षारोपण अभियान की तैयारी को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिला अधिकारी नमामि गंगे, प्रभागीय वनाधिकारी, उपायुक्त श्रम रोजगार, अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, उद्यान विभाग, सिंचाई विभाग, एलएनटी एवं एनसीसी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रभागीय वनाधिकारी एवं उद्यान विभाग द्वारा फलदार एवं अन्य पौधों की उपलब्धता की जानकारी दी गई। पौधों के भण्डारण, वितरण एवं ग्राम स्तर पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विकास खण्ड एवं ग्राम स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए गए।
जनभागीदारी पर जोर प्रधानों, ब्लॉक प्रमुखों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए स्थानीय जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा। आम नागरिकों और स्वयं सहायता समूहों को फलदार पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण में व्यापक जनसहयोग प्राप्त हो सके।“
मुख्य विकास अधिकारी ने गौवंशों को दूसरी गौशालाओं में स्थानान्तरण होने के पश्चात खाली हो रही गौशालाओं में वृक्षारोपण कर उन्हें “गोपालवन” के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया। यह अनूठी अवधारणा गो-संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और हरियाली को एक साथ जोड़ती है। गोपालवन न केवल छाया का स्रोत बनेगा, बल्कि बढ़ती हीटवेव और गर्मी के प्रकोप में ठंडक प्रदान करेगा तथा जिले के समग्र पर्यावरण को मजबूत बनाएगा। विभिन्न विभागों को रोपण स्थलों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त श्रम रोजगार को अटल भूजल, अमृत सरोवर एवं ग्राम पंचायत तालाब, जिला पंचायत राज अधिकारी को अन्त्येष्टि स्थल, आरआरसी सेंटर, कब्रिस्तान एवं पंचायत भवन, अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण/ग्रामीण अभियन्त्रण को बड़े चौराहे एवं सड़कों के किनारे, मण्डी समिति को मण्डी परिसर एवं सड़क किनारे, विकास प्राधिकरण को पार्क एवं अन्य खाली स्थान, नगर पालिका को शहर के पार्क, सड़कें एवं अन्य उपयुक्त स्थान तथा एलएनटी एवं एनसीसी को अपने परिसर में वृक्षारोपण करने के लक्ष्य निर्धारित किए गए।
मुख्य विकास अधिकारी श्री अजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि बढ़ती गर्मी, हीटवेव और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए शत-प्रतिशत वृक्षारोपण लक्ष्य हासिल करना आवश्यक है। यह अभियान बांदा जिले को हरा-भरा और पर्यावरण की दृष्टि से मजबूत बनाएगा।

