सरकारी भूमि पर बनी 6 मस्जिद-मदरसों को नोटिस, 15 दिन में हटाने के निर्देश
1 min readसहारनपुर
जनपद की देवबंद तहसील में सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जा कर बनाए गए मस्जिद, मदरसों और मजारों के विरुद्ध जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने जांच के बाद 11 मामलों में से छह मामलों में नोटिस जारी कर संबंधित प्रबंधकों को 15 दिन के भीतर अपना पक्ष रखने और अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए हैं। शेष पांच मामलों की जांच एवं कार्रवाई अभी विचाराधीन है।
प्रशासन के अनुसार शिकायतों के आधार पर राजस्व विभाग द्वारा जांच कराई गई, जिसमें कई स्थानों पर सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण की पुष्टि हुई। इसके बाद संबंधित मुतवल्लियों एवं प्रबंधकों को नोटिस जारी किए गए हैं। निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब या कार्रवाई न होने पर प्रशासन स्वयं अवैध कब्जे हटाकर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराएगा।
जांच के अनुसार देवबंद तहसील के गांव सोहनचिड़ा में वर्ष 2012 में लगभग 0.0172 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर मस्जिद का निर्माण किया गया। इस भूमि का वर्तमान बाजार मूल्य करीब 11.52 लाख रुपये बताया गया है। तहसीलदार ने मस्जिद के मुतवल्ली अहसान को नोटिस जारी करते हुए 25 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति जमा करने के भी निर्देश दिए हैं।
इसी प्रकार ग्राम पांडौली में करीब 0.0300 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर मस्जिद का पक्का निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 20.01 लाख रुपये आंकी गई है। वहीं गांव चहलौली (परगना नागल) में 0.2900 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर पक्का मदरसा निर्मित होने की पुष्टि हुई है, जिससे राजस्व विभाग को लगभग 19.69 लाख रुपये की क्षति होने का दावा किया गया है।
गांव अंबेहटा शैखा में सरकारी भूमि पर मदरसा और अलग मामले में मस्जिद निर्माण का भी मामला सामने आया है। प्रशासन के अनुसार यहां 0.1000 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया गया, जिससे राजस्व विभाग को लगभग 17.50 लाख रुपये की क्षति हुई है। इसके अलावा गांव पहाड़पुर में सरकारी भूमि पर मस्जिद निर्माण से करीब 41.20 लाख रुपये के राजस्व नुकसान का आकलन किया गया है।
13 जुलाई तक देना होगा जवाब
देवबंद तहसीलदार ने सभी संबंधित मस्जिद एवं मदरसा प्रबंधकों को 13 जुलाई तक उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय सीमा में जवाब न मिलने पर एकपक्षीय आदेश पारित किया जाएगा। यदि भूमि पर फसल खड़ी है तो उसे काटने की अनुमति भी दी गई है।
डीएम का बयान
जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने कहा कि सरकारी भूमि पर हुए सभी अवैध कब्जों की नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी। जहां भी सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण पाया जाएगा, वहां से कब्जा हटाकर भूमि को कब्जामुक्त कराया जाएगा।

