बसालतपुर में लगभग 20 साल से जर्जर तार बने मौत का जाल, उच्चाधिकारियों के आदेश बेअसर
1 min readउच्चाधिकारियों के आदेश बेअसर: बसालतपुर में लगभग 20 साल से जर्जर तार बने मौत का जाल, उच्चाधिकारियों के आदेश बेअसर
ट्रांसफार्मर से 200 मीटर तक नंगे तार दिन में फेंक रहे चिंगारी, आज भी जलकर गिरा तार
जेई से एक्सईएन तक मौन, बच्चे- महिलाएं-पशु सब खतरे में
करनैलगंज (गोण्डा)। विद्युत उपकेन्द्र करनैलगंज के ग्राम बसालतपुर में विद्युत विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। यहां करीब 20 साल पहले खींची गई बिजली लाइन अब पूरी तरह कबाड़ हो चुकी है। ट्रांसफार्मर से लेकर 200 मीटर तक तार जर्जर, नंगे और आपस में उलझे हुए हैं। दिन में भी तारों से चिंगारी निकल रही है। ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर हकीकत कैद की है। एक वीडियो में खंभे पर लटके-झूलते तार, दूसरे में गली, घरों की बाउंड्री और खेत के किनारे जमीन पर गिरे तार दिखाई दे रहे हैं। नीचे कूड़े के ढेर पर और ठीक बगल में गाय बंधी है। बीते महीने भी तार जलकर गिर गया था। ग्रामीणों का कहना है- थोड़ी सी हवा या ओवरलोड में तार टूटता है और पूरी गली में करंट फैलने का डर रहता है।
ट्वीटर पर पोस्ट और अखबार में खबर के बाद भी कार्रवाई नहीं
ग्रामीणों के मुताबिक इसकी शिकायत कई बार उपकेन्द्र से लेकर एक्सईएन तक की गई।
ट्वीटर पर पोस्ट और अखबार में खबर छपने के बाद भी जे.ई. से लेकर एक्सईएन तक कोई मौके पर नहीं पहुंचा। 18-20 साल से तार नहीं बदले गए। स्कूली बच्चे, महिलाएं और किसान रोज इसी मौत के जाल के नीचे से गुजरते हैं।
ग्रामीणों का सवाल- क्या मौत के बाद जागेगा विभाग?
जब सरकार जर्जर तार बदलने के लिए करोड़ों खर्च कर रही है तो बसालतपुर के तार कागजों में ही क्यों बदले जा रहे हैं? क्या विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? ग्रामीणों ने जिलाधिकारी गोंडा और अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड करनैलगंज से तत्काल तार बदलने की मांग की है। चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन करेंगे और हादसे की पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी।

