दूध’ का काला कारोबार बेनकाब, पाम ऑयल-मिल्क पाउडर से तैयार हो रहा था कथित नकली दूध,
1 min readधौलपुर राजस्थान।
धौलपुर में ‘दूध’ का काला कारोबार बेनकाब! पाम ऑयल-मिल्क पाउडर से तैयार हो रहा था कथित नकली दूध,
तीन राज्यों तक सप्लाई का खुलासा, 4 हजार लीटर संदिग्ध दूध नष्ट; दो आरोपी पकड़े, मुख्य सरगना समेत कई फरार,
धौलपुर,
धौलपुर में नकली दूध तैयार कर बड़े प्लांटों और डेयरियों तक पहुंचाने के कथित कारोबार का पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली थाना पुलिस ने गुरुवार रात गुर्जर कॉलोनी में जाहिद होटल के पीछे एक मकान पर दबिश देकर दूध से भरा करीब 4 हजार लीटर क्षमता का टैंकर पकड़ा। मौके से बड़ी मात्रा में पाम ऑयल, स्किम्ड मिल्क पाउडर और दूध तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद हुई।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां पाम ऑयल और स्किम्ड मिल्क पाउडर सहित अन्य सामग्री से कथित रूप से मिलावटी दूध तैयार किया जा रहा था। यह दूध राजस्थान के साथ मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बड़े प्लांटों व डेयरियों तक भेजे जाने की बात सामने आई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में रोजाना तीन से पांच टैंकर सप्लाई किए जाने की जानकारी मिली है।
दबिश पड़ते ही मची भगदड़,
कोतवाली थानाधिकारी रामकिशन यादव के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखते ही कुछ लोग पीछे के रास्ते से भाग निकले। पुलिस ने राघवेंद्र उर्फ सोनू शर्मा, रामू शर्मा और टैंकर चालक राजकुमार शर्मा को मौके से पकड़ा, हालांकि राघवेंद्र पुलिस से हाथ छुड़ाकर फरार हो गया। मुख्य आरोपी बताए जा रहे भागीरथ और उसका साथी हरिओम शर्मा भी मौके से फरार हो गए।
124 टिन पाम ऑयल और 40 कट्टे पाउडर बरामद
फैक्ट्री की तलाशी के दौरान न्यूट्रलप्लस पाम ऑयल के 124 टिन, करीब 40 कट्टे स्किम्ड मिल्क पाउडर, 60 खाली टिन, करीब दो दर्जन खाली ड्रम, लिक्विड ग्लूकोस, दो बड़ी मशीनें, दो गैस चूल्हे, सिलेंडर, जनरेटर सहित अन्य सामग्री मिली। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों के पिछले कई महीनों से इस गतिविधि से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।
स्वास्थ्य विभाग ने लिए सैंपल, 4 हजार लीटर दूध नष्ट,
मामले की सूचना पर सीएमएचओ डॉ. धर्म सिंह मीणा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और टैंकर व फैक्ट्री में रखे दूध के सैंपल लिए। खाद्य निरीक्षक पदम सिंह ने कार्रवाई के बाद गोदाम को सील कर दिया। टैंकर में भरे करीब 4 हजार लीटर संदिग्ध दूध को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नष्ट करवाया।
पुलिस ने टैंकर को आवश्यक कागजात नहीं होने के कारण एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत सागरपाड़ा चौकी पर खड़ा करवाया है।
तीन राज्यों तक फैले नेटवर्क की जांच
पुलिस अब कथित नकली दूध के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों, सप्लाई के ठिकानों और इससे अर्जित धन-संपत्ति की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि तैयार किया जा रहा संदिग्ध दूध किन-किन प्लांटों और डेयरियों तक पहुंचाया जाता था।
हालांकि दूध की वास्तविक गुणवत्ता और उसमें मिलावट की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग की जांच एवं सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो

