मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में छात्रों ने रखे सुझाव, डीएम ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश
1 min readसुलतानपुर।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत संचालित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक व्यवस्था और कक्षाओं की गुणवत्ता को लेकर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने मंगलवार को संवाद किया। 18 अगस्त 2026 को राणा प्रताप पीजी कॉलेज के विवेकानंद सभागार में आयोजित कार्यक्रम में यूपीएससी/यूपीपीएससी (सिविल सेवा), पीसीएस-जे, एसएससी, जेईई और नीट की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों ने अपनी समस्याएं एवं सुझाव जिलाधिकारी के समक्ष रखे।
कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं अभ्युदय योजना के शिक्षक मौजूद रहे।
शिक्षकों की निरंतरता और कक्षा अवधि बढ़ाने की मांग
सिविल सेवा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों ने सुझाव दिया कि एक ही विषय के अध्यापकों को बार-बार न बदला जाए, ताकि पढ़ाई में निरंतरता बनी रहे। विद्यार्थियों ने प्रत्येक विषय के शिक्षक की कक्षाएं कम से कम 10 दिन लगातार संचालित कराने की मांग की।
छात्रों ने इतिहास सहित व्यापक विषयों के महत्वपूर्ण टॉपिक पर निर्धारित एक कक्षा की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया। वर्तमान में 90 मिनट की संचालित होने वाली कक्षाओं की अवधि बढ़ाने की मांग भी रखी गई।
विद्यार्थियों ने प्रत्येक 15 दिन में पढ़ाए गए पाठ्यक्रम पर हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम में ऑफलाइन टेस्ट कराने तथा सप्ताह में कम से कम एक दिन अतिथि प्रवक्ता के माध्यम से करेंट अफेयर्स की कक्षा संचालित कराने का सुझाव दिया। साथ ही प्री, मेन्स और इंटरव्यू की समग्र रणनीति पर नियमित चर्चा कराने की मांग की।
नीट और जेईई के छात्रों ने स्मार्ट बोर्ड की मांग रखी
नीट एवं जेईई की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों ने कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड की व्यवस्था कराने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि इससे प्रश्नों एवं प्रश्नपत्रों को समझने और हल करने में आसानी होगी। इन विद्यार्थियों ने भी प्रत्येक 15 दिन में ऑफलाइन टेस्ट कराने का सुझाव दिया।
डीएम ने दिए प्रभावी शैक्षणिक व्यवस्था के निर्देश
जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने छात्र-छात्राओं के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए अभ्युदय योजना के सभी फैकल्टी एवं अध्यापकों की बैठक आयोजित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
डीएम ने विद्यार्थियों से कहा कि ऑफलाइन कक्षा शुरू होने से पहले उपलब्ध कराई गई अध्ययन सामग्री का अध्ययन कर कक्षा में उपस्थित हों, ताकि कक्षा का अधिकतम शैक्षणिक लाभ मिल सके।
उन्होंने सिविल सेवा एवं एक दिवसीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र नियमित रूप से हल करने तथा प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के टेस्ट पेपर का भी अभ्यास करने की सलाह दी। उन्होंने परीक्षा की प्रकृति और पाठ्यक्रम के अनुरूप नियमित अभ्यास, टेस्ट तथा समयबद्ध तरीके से प्रश्नपत्र हल करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
पुस्तकालय में समाचार पत्र और महत्वपूर्ण सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ने पुस्तकालय में विभिन्न प्रकार के समाचार पत्र उपलब्ध कराने के साथ ही महत्वपूर्ण समाचार एवं उपयोगी आर्टिकल के प्रिंट निकालकर नोटिस बोर्ड पर चस्पा कराने तथा विद्यार्थियों के व्हाट्सऐप ग्रुप में साझा करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर नियमित अध्ययन एवं अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया। संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य अभ्युदय योजना के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराना रहा।

