शराब में पानी मिलाने के विवाद में रची 84 हजार की लूट की झूठी कहानी, 4 अभियुक्त गिरफ्तार
1 min readअयोध्या

जनपद स्थित पूराकलंदर थाना क्षेत्र में शराब के नशे में धुत चार युवकों को 84 हजार रुपये की फर्जी लूट की सूचना डायल 112 पर देना भारी पड़ गया। मौके पर पहुंची पुलिस की छानबीन में लूट की पूरी कहानी मनगढ़ंत निकली। पुलिस ने फर्जी सूचना देने और आपस में मारपीट करने वाले चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
घटना 10 अगस्त की है, जब विनायकपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार (पुत्र रामधनी) ने आपातकालीन नंबर डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी कि काजी सराय-बाघा पुल के समीप तीन अज्ञात लोगों ने उसके साथ मारपीट कर 84 हजार रुपये लूट लिए हैं। संवेदनशील क्षेत्र में लूट की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और पूराकलंदर थाना प्रभारी निरीक्षक तुरंत पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम को सूचनादाता धर्मेंद्र कुमार अत्यधिक शराब के नशे में मिला। पूछताछ में उसने दावा किया कि कैलपारा निवासी उसके साथी डीसीएम चालक संदीप चौहान के 84 हजार रुपये छीने गए हैं। जब पुलिस ने मामले की गहनता से पड़ताल की, तो पता चला कि चारों युवक पुल के पास बैठकर एक साथ शराब पी रहे थे।
पानी मिलाने को लेकर हुआ था विवाद:
जांच में उजागर हुआ कि शराब में पानी मिलाने जैसी मामूली सी बात को लेकर चारों के बीच कहासुनी हो गई, जो जल्द ही हिंसक मारपीट में बदल गई। पुलिस की मौजूदगी में भी चारों आरोपी आपस में दोबारा झगड़ने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए धर्मेंद्र कुमार (निवासी विनायकपुर), संदीप चौहान (निवासी कैलपारा), रंजीत यादव (निवासी विनायकपुर) और ओम नारायण (निवासी विनायकपुर) को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को पुलिस सुरक्षा में बीकापुर स्थित स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर डॉक्टर संत कुमार मौर्य से सभी का चिकित्सीय (मेडिकल) परीक्षण कराया गया। इसके उपरांत पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। AI
