ट्रान्फोर्मिंग इंटरप्रेन्योर जरनिस अक्रॉस स्टेट्स एन्ड डिस्ट्रिक्ट, जिला कार्यशाला का आयोजन
1 min readधौलपुर राजस्थान।
धौलपुर में राज तेजस कार्यशाला ने सरकार, स्टार्टअप्स और युवा नवप्रवर्तकों को एक मंच पर लाकर जिले के उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाया
धौलपुर,
राजस्थान ट्रान्फोर्मिंग इंटरप्रेन्योर जरनिस अक्रॉस स्टेट्स एन्ड डिस्ट्रिक्ट, जिला कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में लगभग 200 विद्यार्थियों, उभरते उद्यमियों, स्टार्टअप संस्थापकों, शिक्षकों, उद्योग प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य जिले में नवाचार एवं उद्यमिता के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना था।
स्टार्टअप इंडिया, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जिला प्रशासन तथा सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग (डीओआईटीएंडसी) राजस्थान सरकार के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला ने उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, सार्थक इकोसिस्टम कनेक्शन विकसित करने तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पहलों के माध्यम से उभरते उद्यमियों के लिए उपलब्ध अवसरों को प्रदर्शित करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया।
कार्यशाला का शुभारंभ आई स्टार्ट राजस्थान टीम के स्वागत संबोधन से हुआ, जिसके पश्चात अतिरिक्त जिला कलक्टर हरिराम मीना ने अपने संबोधन में समावेशी आर्थिक विकास को गति देने में उद्यमिता एवं नवाचार के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि विकसित भारत@2047 के विजन को साकार करने में जिलों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने सरकार, शिक्षा जगत, उद्योग और उद्यमियों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि स्थानीय विचारों को टिकाऊ उद्यमों में परिवर्तित किया जा सके और सार्थक रोजगार के अवसर उत्पन्न हों।
उन्होंने कहा कि भारत के आर्थिक विकास का भविष्य हमारे जिलों को सशक्त बनाने में निहित है। उद्यमिता को बढ़ावा देकर, नवाचार को प्रोत्साहित करके और युवा उद्यमियों के लिए सक्षम वातावरण तैयार करके हम टिकाऊ आजीविका के अवसर पैदा कर सकते हैं, स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत कर सकते हैं और विकसित भारत@2047 के विजन में सार्थक योगदान दे सकते हैं। तेजस जैसी पहल इस साझा लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
संयुक्त निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग बलभद्र सिंह ने उद्यमिता को बढ़ावा देने में जिला प्रशासन की भूमिका पर प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने आईस्टार्ट राजस्थान, डिस्ट्रिक्ट इन्क्यूबेशन सेंटर, 64 आई स्टार्ट लॉन्चपैड, स्टार्टअप मान्यता, मेंटरशिप, इनक्यूबेशन सपोर्ट तथा रणनीतिक इकोसिस्टम साझेदारियों के माध्यम से राजस्थान सरकार द्वारा स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय नवप्रवर्तकों को अपने विचारों को टिकाऊ उद्यमों में बदलने के लिए सरकार, शिक्षा जगत, उद्योग और वित्तीय संस्थानों के बीच सहयोग आवश्यक है।
स्टार्टअप इंडिया का एक विशेष सत्र सीनियर मैनेजर स्टार्टअप इंडिया श्रीमती सना दीवान तथा कंसलटेंट स्टार्टअप इंडिया (डीपीआईआईटी) विशाल गर्ग द्वारा आयोजित किया गया। इस सत्र में प्रतिभागियों को भारत के तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम से परिचित कराया गया तथा स्टार्टअप इंडिया पहल के अंतर्गत उपलब्ध व्यापक सहयोग के बारे में जानकारी दी गई। सत्र में स्टार्टअप मान्यता, फंडिंग के अवसर, इनक्यूबेशन सपोर्ट, बौद्धिक संपदा संबंधी सुविधाएं, मेंटरशिप, नीतिगत सहयोग और बाजार तक पहुंच जैसे विषयों पर चर्चा की गई, जिससे प्रतिभागियों को विचार से उद्यम तक की उद्यमशील यात्रा को बेहतर ढंग से समझने में सहायता मिली।
प्रतिभागियों को राजस्थान के नवाचार इकोसिस्टम की व्यापक जानकारी प्रोग्रामर सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग हरिओम सोनी द्वारा आयोजित आईस्टार्ट राजस्थान सत्र के माध्यम से दी गई। इस सत्र को आईस्टार्ट राजस्थान टीम सुश्री वार्तिका सोनी, सुश्री आयुषी मिंज और महेश राजभर द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। टीम ने स्टार्टअप मान्यता, इनक्यूबेशन सपोर्ट, मेंटरशिप, बाजार संपर्क, निवेशक संपर्क, डिस्ट्रिक्ट इन्क्यूबेशन सेंटर, आई स्टार्ट लॉन्चपैड तथा संस्थागत साझेदारियों के माध्यम से जिला स्तर पर उद्यमिता को मजबूत करने के लिए राजस्थान के प्रयासों पर प्रकाश डाला। सत्र में उभरते उद्यमियों को पैजंतज इकोसिस्टम के अंतर्गत उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर अपने नवाचार आधारित विचारों को विस्तार योग्य उद्यमों में बदलने तथा राजस्थान के तेजी से विकसित हो रहे नवाचार नेटवर्क का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यशाला में वाईस प्रेजिडेंट इन्वेस्मेंट रुकम कैपिटल अनुभव कुमार दास, पेटीएम बोर्ड मेंबर एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम एक्सपर्ट सौरभ जैन, आईस्टार्ट राजस्थान टीम अभिषेक पटोदिया, फाउंडर, सेटलमेंट सेंस पिंटू सिंह, तथा फाउंडर, इंडिगेटैक्स प्राइवेट लिमिटेड सतेंद्र सिंह ने अपनी उद्यमशील यात्राओं को साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार नवाचार, तकनीक का उपयोग और सहयोग आकांक्षी जिलों में उद्यमिता एवं रोजगार के नए अवसर खोल सकते हैं।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो

