बच्चों को लेकर लौट रहे स्कूल वाहन का पहिया निकला, बाल-बाल बचे छात्र
1 min readबच्चों को लेकर लौट रहे स्कूल वाहन का पहिया निकला, बाल-बाल बचे छात्र
वाहन की फिटनेस और स्कूल प्रबंधन की व्यवस्था पर उठे सवाल
एआरटीओ को पहले भी मिल चुकी हैं शिकायतें, दो बार निरीक्षण में स्कूल परिसर मिला था बंद
करनैलगंज, गोण्डा। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे तमाम दावों के बीच करनैलगंज क्षेत्र में स्कूल वाहन की बदहाल स्थिति ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्री साईं कॉलेज एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स कॉलेज की बच्चों को घर लेकर लौट रहे स्कूल वाहन का चलते समय अचानक पहिया निकल गया। पहिया कई मीटर दूर जा गिरा। गनीमत रही कि वाहन अनियंत्रित होकर पलटा नहीं और उसमें सवार सभी बच्चे बाल-बाल बच गए। घटना के बाद अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय की आठ गाड़ियों में से एक वाहन बच्चों को लेकर कचनापुर रोड से वापस लौट रहा था। इसी दौरान अचानक वाहन का पहिया निकलकर दूर जा गिरा। पहिया निकलने के बाद चालक ने किसी तरह वाहन को नियंत्रित किया। हादसे में किसी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन बड़ी दुर्घटना टलने से अभिभावकों ने राहत की सांस ली।
वाहन की फिटनेस पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्कूल वाहनों के रखरखाव और उनकी फिटनेस को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वाहन का पहिया निकलने के बाद चालक का नियंत्रण बिगड़ जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। अभिभावकों ने स्कूल वाहनों की नियमित जांच और बच्चों को सुरक्षित तरीके से घर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।
पहले भी मिल चुकी हैं शिकायतें
मामले में एआरटीओ की ओर से बताया गया कि विद्यालय के संबंध में पहले भी शिकायतें मिल चुकी हैं। विभाग की ओर से स्कूल का दो बार निरीक्षण किया गया, लेकिन दोनों बार परिसर में ताला बंद मिला। ऐसे में अब हुई घटना ने पूर्व में मिली शिकायतों को भी गंभीरता से जांचने की जरूरत बढ़ा दी है।
एआरटीओ के अनुसार घटना का संज्ञान लेते हुए विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी किया जाएगा। जांच के बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल वाहन में बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसे में वाहन की फिटनेस, नियमित मेंटीनेंस, चालक की दक्षता और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं, इसकी जांच जरूरी है। घटना के बाद अभिभावकों ने मांग की है कि स्कूल की सभी गाड़ियों की तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि किसी अन्य वाहन के साथ ऐसी घटना न हो।

