बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे व विश्वविद्यालय की बाउंड्री से 300 बीघा जमीन पर खेती बाधित
1 min readबुंदेलखंड एक्सप्रेसवे व विश्वविद्यालय की बाउंड्री से 300 बीघा जमीन पर खेती बाधित
मवई बुजुर्ग के किसानों ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन, रास्ता बनवाने की मांग
बांदा
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की बाउंड्री के कारण जनपद के ग्राम मवई बुजुर्ग के किसानों की लगभग 300 बीघा जमीन पर खेती-बाड़ी ठप हो गई है। इससे परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन भेजकर समस्या का निस्तारण कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि ग्राम मवई बुजुर्ग, तहसील व जिला बांदा के किसानों की निजी भूमिधरी जमीन के एक तरफ बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का फ्लाईओवर गुजर रहा है। आरोप है कि विश्वविद्यालय ने आम रास्ते को अपनी निजी जमीन बताकर वहां बाउंड्री दीवार का निर्माण कर दिया है।
बाउंड्री बन जाने से ग्रामीणों के लिए अपने खेतों तक पहुंचने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। इससे लगभग 300 बीघा रकबे में कृषि कार्य एवं आवागमन बाधित हो रहा है। किसान अपनी फसल की देखभाल और बुआई-कटाई के लिए खेतों तक नहीं जा पा रहे हैं।
किसानों ने राज्यपाल से मांग की है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के दूसरी तरफ चाहितारा मोड़ से चिल्ला रोड तक लगभग 1 किलोमीटर का पक्का रास्ता* बनवाया जाए, ताकि उन्हें अपनी जमीन तक आने-जाने में सुविधा हो सके।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि शीघ्र रास्ता नहीं बनाया गया तो उनकी आजीविका पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी। ज्ञापन के साथ खतौनी की प्रतियां और स्थल की फोटो भी संलग्न की गई हैं।
ज्ञापन देने वालों में संतोष कुमार सविता, रामजी त्रिवेदी, आशीष कुमार, रामबरन यादव, छत्रपाल सविता, श्रीराम सहित मवई बुजुर्ग के समस्त ग्रामवासी शामिल हैं।

