महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत नगर परिषद के सभागार में जिला स्तरीय जागरूकता एवं सम्मान समारोह का हुआ भव्य आयोजन
1 min readधौलपुर राजस्थान।

महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत नगर परिषद धौलपुर के सभागार में जिला स्तरीय जागरूकता एवं सम्मान समारोह का हुआ भव्य आयोजन
महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता के लिए पुलिस, प्रशासन एवं समाज की सहभागिता आवश्यक — पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान
राज्य सरकार एवं राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, जागरूकता एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित "महिला सुरक्षा संकल्प अभियान" के अंतर्गत आज दिनांक 11 जुलाई 2026 को नगर परिषद धौलपुर के सभागार में पुलिस अधीक्षक धौलपुर विकास सांगवान के निर्देशन में जिला स्तरीय जागरूकता एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा ने पुलिस अधीक्षक का स्वागत करते हुए अभियान की रूपरेखा एवं उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी, वृताधिकारी वृत्त धौलपुर कृष्ण राज जांगिड, विभिन्न विभागों के अधिकारी, महिला सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञ, पुलिस अधिकारी, महिला पुलिसकर्मी एवं जिले भर से बड़ी संख्या में महिला प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत में महिला कांस्टेबल मुन्नी देवी द्वारा महिला शक्ति आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत प्रभावी आत्मरक्षा तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। उन्होंने महिलाओं एवं बालिकाओं को आकस्मिक परिस्थितियों में स्वयं को सुरक्षित रखने, मानसिक रूप से सजग रहने, परिस्थिति का त्वरित आकलन करने, हमलावर से सुरक्षित दूरी बनाने, सहायता प्राप्त करने के प्रभावी तरीकों तथा दैनिक जीवन में अपनाई जाने वाली सरल आत्मरक्षा तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। साथ ही यह भी बताया कि आत्मविश्वास, सतर्कता एवं समय पर प्रतिक्रिया किसी भी महिला की सबसे बड़ी सुरक्षा है।
इसके पश्चात सहायक उप निरीक्षक रेखा परमार के नेतृत्व में महिला पुलिस टीम द्वारा महिला सुरक्षा से संबंधित विभिन्न पुलिस योजनाओं, महिला हेल्पलाइन सेवाओं, आपातकालीन सहायता प्रणाली, शिकायत पंजीकरण प्रक्रिया, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, पीछा करने (Stalking), सोशल मीडिया उत्पीड़न तथा महिला अपराधों की स्थिति में पुलिस द्वारा अपनाई जाने वाली त्वरित कार्यवाही का व्यवहारिक प्रदर्शन (डेमो) प्रस्तुत किया गया। टीम ने महिलाओं को पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल एवं सहज तरीके से समझाया।
हेड कांस्टेबल श्रीकांत शर्मा द्वारा राजकॉप सिटिजन ऐप, गरिमा हेल्पलाइन-1090, ई-एफआईआर, ऑनलाइन शिकायत पंजीकरण, पुलिस की विभिन्न नागरिक सेवाओं एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से दी गई। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से आमजन बिना थाने आए भी अनेक पुलिस सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं तथा महिलाओं से संबंधित शिकायतों का त्वरित एवं गोपनीय निस्तारण सुनिश्चित किया जाता है।
साइबर थाना धौलपुर के कांस्टेबल राजकुमार एवं संजय सागर द्वारा साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप पर विस्तृत जानकारी देते हुए साइबर हेल्पलाइन-1930, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाएं, ऑनलाइन लोन ऐप, सोशल मीडिया फ्रॉड, OTP एवं बैंकिंग धोखाधड़ी, QR कोड स्कैम, फर्जी लिंक, KYC अपडेट के नाम पर होने वाली ठगी तथा साइबर अपराधों से बचाव के लिए आवश्यक Do’s एवं Don’ts के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में गोल्डन ऑवर के भीतर 1930 पर सूचना देने से राशि रिकवर होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर की प्रभारी शिप्रा पचौरी ने महिलाओं एवं बालिकाओं को वन स्टॉप सेंटर द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली चिकित्सा सहायता, कानूनी परामर्श, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, अस्थायी आश्रय, पुलिस समन्वय तथा पुनर्वास सेवाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर समस्त आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
प्रोबेशनर आरपीएस सुखराम विश्नोई ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान के संबंध में विशाखा गाइडलाइन, कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम-2013, पॉक्सो अधिनियम, SHE-Box पोर्टल, नौकर एवं किरायेदार सत्यापन तथा बाल एवं महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक संस्था में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन एवं महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना प्रत्येक संस्थान की वैधानिक जिम्मेदारी है।
वृताधिकारी वृत्त धौलपुर कृष्ण राज जांगिड ने महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम, पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली, महिला अपराधों की विवेचना, संवेदनशील पुलिसिंग, साक्ष्य संरक्षण, पीड़ित सहायता तंत्र तथा समाज की सहभागिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि महिला उत्पीड़न अथवा अपराध की जानकारी तत्काल पुलिस तक पहुंचाए, जिससे समय पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा ने अपने संबोधन में “Senior, Not Alone” योजना, महिला बीट अधिकारी योजना, भारतीय न्याय संहिता-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023, भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023 के प्रमुख प्रावधानों, महिला सुरक्षा से संबंधित नवीन कानूनी व्यवस्थाओं तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम संबंधी कानूनों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जनजागरूकता, सामुदायिक सहभागिता एवं तकनीकी संसाधनों के माध्यम से अपराधों की रोकथाम सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन का विषय नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने महिलाओं एवं बालिकाओं से किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना, साइबर अपराध, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न अथवा लैंगिक अपराध की स्थिति में बिना किसी भय अथवा संकोच के पुलिस, प्रशासन एवं विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं का तत्काल उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने डिजिटल माध्यमों पर सतर्क रहने, सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने, वित्तीय लेन-देन में सावधानी बरतने तथा आत्मरक्षा प्रशिक्षण को दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने पर विशेष बल दिया।
पुलिस अधीक्षक धौलपुर विकास सांगवान ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि महिला सुरक्षा राजस्थान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इसके लिए पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं बल्कि समाज की सहभागी एवं संरक्षक की भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं को कानूनी अधिकारों, पुलिस सेवाओं, डिजिटल सुरक्षा एवं आत्मरक्षा के प्रति जागरूक बनाना समय की आवश्यकता है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि धौलपुर पुलिस महिला सुरक्षा से संबंधित प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशीलता, गोपनीयता एवं त्वरित कार्रवाई की नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाने, बाल विवाह, दहेज, घरेलू हिंसा, साइबर उत्पीड़न, मानव तस्करी एवं लैंगिक अपराधों के विरुद्ध जागरूक होकर पुलिस का सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी युग में साइबर सुरक्षा भी महिला सुरक्षा का महत्वपूर्ण आयाम बन चुकी है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को डिजिटल साक्षरता एवं साइबर जागरूकता को अपनाना होगा।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी एवं पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान द्वारा महिला सुरक्षा, जनजागरूकता एवं उत्कृष्ट पुलिस कार्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले महिला एवं पुरुष पुलिस कार्मिकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए महिला सुरक्षा के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व निभाने तथा “सुरक्षित महिला–सशक्त समाज” के संकल्प को साकार करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में सुरक्षा सखी, महिला सीएलजी सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, राजीविका समूह की महिलाएं, एनसीसी कैडेट्स, विद्यालय एवं महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षिकाएं, साथिन, एएनएम, जीएनएम, आशा सहयोगिनी, महिला छात्रावास वार्डन, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं की प्रतिनिधि, महिला यूथ सीएलजी सदस्य, महिला पुलिसकर्मी, पुलिस अधिकारी, जवान, मंत्रालयिक कर्मचारी, अपराध सहायक राम अवतार बैरवा, रीडर संतोष शर्मा, यातायात प्रभारी बलविंदर सिंह, सूचना सहायक टिंकू आर्या, सहायक उप निरीक्षक रामराज, सहायक उप निरीक्षक शिव सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन अंकुर कौशिक, निजी सहायक, पुलिस अधीक्षक धौलपुर द्वारा किया गया।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो

