कौन है तीन लोगों के मौत का जिम्मेदार, नेमपुर से बढ़ौली सड़क का क्यूं पड़ा अधूरा काम
1 min readदोस्तपुर/सुलतानपुर
सड़क निर्माण का जिम्मेदार कौन? पीडब्ल्यूडी विभाग /ठेकेदार, भाजपा सरकार में गरीब की लाश पर होते है सियासत न्याय के नाम पर पीड़ित को कटघरे में खड़ा करके उसे स्वयं बना दिया जाता है मुल्जिम,जिन के घर चिराग बुझ जाये सड़क एक्सिडेंट में उसे बड़े आसानी से ठिकाने लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते है, क्यूंकि इंसान के मौत के बाद कोई साबूत नहीं बचता न अब वह बोल सकता है न्याय कैसे मिले न तो गवाही दे सकता है, और ईश्वर ने दो हाथ दो पैर दिये है भोजन के लिए आहार की हर व्यक्ति जरूरत पड़ती है और ना पैसे खाने के लिए पैसे की जरूरत पड़ती है। तो भोजन और पानी चाहिए, लेकिन कलयुग के इंसान को खाने, पीने के लिए पैसा चाहिए,जो कि गरीबों मेहनत व मजदूरी करके जैसे-तैसे कमाकर अपने पूरे परिवार का भरण पोषण करता है। और वहीं चिराग बुझ जाये तो, बुढ़ापे का सहारा छीन जाता है।दो चार लाख देने पर भी उस परिवार की आवश्यकता कोई पूरा नही कर सकता है। जिन के घर दीपक बुझ जाये, और बड़े आसानी से सारा लोगों ने उसी मृतक के ऊपर डाल दिया जाता है। क्यूं सरकार व कानून को चाहिए साबुत वह मरने वाले व्यक्ति नहीं दे सकता है। और कानून मरे हुए व्यक्ति को जिंदा कर नहीं सकता है तो पसियापारा ढड़वा पुल पर मरे हुए परिवार को सरकार व पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा कौन सी सहायता प्रदान किया गया? और जिम्मेदार कौन जो तीन परिवार को बच्चों की पढ़ाई लिखाई परिवारिश,व मां बाप का बुढ़ापे का सहारे का जिम्मेदार कौन

