हाईकोर्ट सख्त 600 बीघा भूमि चारागाह-वन भूमि से अतिक्रमण हटाएं, जरूरत पड़े तो FIR दर्ज कर गिरफ्तार करें
1 min readराजाखेड़ा उपखंड में स्थित ग्राम पंचायत बाजना का मामला हाईकोर्ट सख्तः 600 वीघा भूमि चारागाह-वन भूमि से अतिक्रमण हटाएं, जरूरत पड़े तो FIR दर्ज कर गिरफ्तार करें,
राजाखेडा, धौलपुर
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राजाखेड़ा उपखंड की ग्राम पंचायत बाजना में चारागाह व वन भूमि पर हो रखे अतिक्रमणों को लेकर सख्ती दिखाई है। खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों से कहा है कि वे चाहें तो अतिक्रमियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी करें, लेकिन अतिक्रमण हर हाल में हटाए जाएं। साथ ही दो सप्ताह में कार्रवाई कर पालना रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा व जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने यह निर्देश रामनिवास की जनहित
याचिका पर दिए। सुनवाई के दौरान राजाखेड़ा उपखंड अधिकारी सुशीला मीणा ने अदालत में उपस्थित होकर माना कि भूमि के बड़े हिस्से पर अतिक्रमण किया गया है। कुछ अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं, जबकि शेष हटाने हैं। इस पर खंडपीठ ने दो सप्ताह में अतिक्रमण हटाकर पालना रिपोर्ट पेश करने को कहा। साथ ही वन विभाग को संबंधित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर पालना रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। धर्मेंद्र सिंह एवं नरेंद्र कुमार निवासी बाजना ने बताया कि हमारी ग्राम पंचायत बाजना के चार गांवों की 600 बीघा से अधिक चारागाह एवं वन भूमि पर निजी प्रभावशाली असामाजिक व्यक्तियों ने अवैध स्थाई एवं अस्थाई अतिक्रमण कर रखा है। यह भूमि गांव के मवेशियों के चारागाह, सार्वजनिक उपयोग और पर्यावरणीय संरक्षण के लिए आरक्षित है, लेकिन अतिक्रमण के कारण ग्रामवासियों, पशुपालकों और सार्वजनिक हित को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की।
क्या कहते हैं उपखंड अधिकारी।
इस प्रकरण में उपखंड अधिकारी सुशीला मीणा ने बताया कि तहसीलदार चिन्हित एवं जांच रिपोर्ट के लिए आदेशित कर दिया गया है रिपोर्ट आने पर संबंधित विभाग द्वारा शीघ्र अतिक्रमण मुक्त करा दिया जाएगा। विजय कुमार शर्मा ब्यूरो



