शिवमहापुराण कथा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, संतोष सागर जी महाराज ने दिया नशामुक्ति का संदेश
1 min read
धौलपुर राजस्थान
धौलपुर शहर के गौरव पथ स्थित वॉटर वर्क्स क्षेत्र में चल रही सात दिवसीय श्री शिवमहापुराण कथा के पांचवें दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंसा पूर्ण हनुमान जी मंदिर परिसर में आयोजित कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान शिव की भक्ति में लीन नजर आए।
सनातन धर्म यात्रा के 489वें पड़ाव के अंतर्गत आयोजित इस धार्मिक आयोजन में श्री श्री 1008 रामदास जी महाराज के सानिध्य में कथा व्यास संतोष सागर जी महाराज ने भक्तों को शिव महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का महत्व बताया।
कथा के दौरान समुद्र मंथन प्रसंग का वर्णन करते हुए संतोष सागर जी महाराज ने कहा कि भगवान शिव का स्वरूप त्याग, करुणा और लोक कल्याण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि महादेव को नशे से जोड़ना एक गलत धारणा है, जबकि भगवान शिव अपने भक्तों को बुराइयों और विकारों से दूर रहने की प्रेरणा देते हैं।
महाराज श्री ने कहा कि समुद्र मंथन से निकले विष को भगवान शिव ने संसार की रक्षा के लिए अपने कंठ में धारण किया था। यह प्रसंग हमें त्याग, संयम और दूसरों के कल्याण का संदेश देता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का आह्वान किया।
कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य को जीवन में अहंकार, वासना और नकारात्मक विचारों का त्याग करना चाहिए। जो व्यक्ति विनम्रता और धर्म के मार्ग पर चलता है, उसके जीवन में शांति और सकारात्मकता आती है।
समुद्र मंथन और भगवान शिव के विषपान प्रसंग के संगीतमय वर्णन के दौरान पूरा कथा पंडाल ‘हर-हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयकारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में मुख्य आयोजक बृजमोहन शर्मा, डॉ. महावीर दुबे, कल्पना शर्मा सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आरती की। इसके बाद भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया।
आयोजकों के अनुसार श्री शिवमहापुराण कथा का आयोजन 29 जून तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक जारी रहेगा।

विजय कुमार शर्मा ब्यूरो
