बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बांदा में उमड़ा जनसैलाब
1 min readजल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद रहे मुख्य अतिथि, योग गुरु रमेश राजपूत ने योग प्रोटोकॉल का तथा डा० इन्द्रवीर सिंह जादौन तथा डा० अर्चना भारती ने किया प्रभावशाली मंच संचालन
बांदा
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जनपद बांदा में जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सेंट मेरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, तिंदवारी रोड, बांदा में बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य एवं दिव्य आयोजन संपन्न हुआ। “Yoga for Healthy Ageing” थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में हजारों योग साधकों, छात्र-छात्राओं, अधिकारियों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति राज्य मंत्री श्री रामकेश निषाद रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रमोद कुमार उपाध्याय, सचिव समाज कल्याण विभाग, उ०प्र०, सुनील पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष बांदा तथा मालती बासू गुप्ता, नगर पालिका अध्यक्ष बांदा उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर पुलिस उपमहानिरीक्षक एस ० राजेश ,जिलाधिकारी बांदा अमित आसेरी, पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल, मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी कुमार धर्मेन्द्र, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा० सत्येन्द्र पटेल सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके उपरांत योग प्रशिक्षक रमेश राजपूत के निर्देशन में सामूहिक योगाभ्यास कराया गया। उपस्थित जनसमूह ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम एवं ध्यान की क्रियाओं का अभ्यास कर स्वस्थ एवं निरोगी जीवन का संकल्प लिया।
विशेष आकर्षण का केंद्र जनपद के सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय मंच संचालक डा० इन्द्रवीर सिंह जादौन तथा डा० अर्चना भारती का ओजपूर्ण एवं प्रभावी मंच संचालन रहा। डा० जादौन ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य सुदृढ़ होता है, बल्कि मानसिक शांति एवं आध्यात्मिक उन्नयन भी संभव है। उनके सारगर्भित विचारों एवं प्रभावशाली संचालन ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर अतिथियों ने योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि योग स्वस्थ, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सशक्त माध्यम है।

