भक्ति और आध्यात्मिकता की बही अमृतधारा,श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का भव्य समापन,
1 min readधौलपुर,
मांगरोल मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के सप्तम एवं समापन दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
कथा के परीक्षित अजय पचौरी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में श्री किशोरी कृपा सेवा संस्थान के संस्थापक आचार्य योगेश कृष्ण शास्त्री ने श्रीमद्भागवत महापुराण के दिव्य प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया।आचार्य योगेश कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग, सुदामा चरित्र एवं राजा परीक्षित के मोक्ष प्रसंग का वर्णन करते हुए धर्म, भक्ति, मित्रता, समर्पण और ईश्वर स्मरण का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि कलियुग में बढ़ते लोभ, मोह, क्रोध और स्वार्थ के बीच श्रीमद्भागवत का अध्ययन, सत्संग एवं नाम-संकीर्तन ही मानव जीवन को सही दिशा प्रदान कर सकता है।
उन्होंने “हरे कृष्ण” और “राधे-राधे” नाम जप की महिमा बताते हुए कहा कि भगवान के नाम का स्मरण मन को शांति और आध्यात्मिक आनंद प्रदान करता है। कथा के समापन पर भजन-कीर्तन, आरती एवं प्रसादी वितरण हुआ। श्रद्धालुओं ने धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।इस अवसर पर आचार्य योगेश कृष्ण शास्त्री ने गौ सेवा, बेजुबान पशु-पक्षियों की सेवा, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान तथा रक्तदान जैसे सामाजिक सरोकारों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्री किशोरी कृपा सेवा संस्थान द्वारा गौ सेवा एवं विभिन्न सामाजिक कार्य किए जा रहे हैं, जिनसे जुड़कर आमजन मानवता की सेवा में योगदान दे सकते हैं।

