हाईकोर्ट व प्रशासनिक आदेशों के बावजूद, मूकदर्शक बना बीकापुर तहसील प्रशासन रास्ते पर हो रहा अवैध निर्माण, पीड़ित न्याय के लिए दर दर रहा भटक
1 min read
बीकापुर, अयोध्या।


जनपद के बीकापुर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत दशरथपुर मजरे चपरासी का पुरवा में रास्ते को लेकर चल रहे विवाद ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित महेंद्र प्रताप तिवारी का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग व्यक्तियों द्वारा सार्वजनिक रास्ते पर लगातार निर्माण कार्य कर मार्ग को अवरुद्ध किया जा रहा है, जबकि इस संबंध में न्यायालय एवं राजस्व अधिकारियों द्वारा रोक लगाए जाने के आदेश पहले से मौजूद हैं।
पीडित महेन्द्र तिवारी के द्वारा 2003 लेकर 2017 तक S.D.M. न्यायालय व उच्च न्यायालय से सफलता हासिल किया जिसके अनुक्राल में जून 2018 में न्यालय से आदेश प्राप्त किया है जिसका अनुपालन नहीं हो रहा है वहीं पर दबंगों ने दिनांक 1.6.26 को विपाक्षी के द्वारा नींव खोदकर रास्ते को बाधित कर दिया जिसके सम्बन्ध मे DM अयोध्या से शिकायत किया परन्तु कोई कार्यवाही नहीं हुई ।
पीड़ित के अनुसार उन्होंने मामले की शिकायत बीकापुर कोतवाली, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, कानूनगो एवं लेखपाल सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से कई बार की है। इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरी तरह नहीं रुक सका। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन तो दिया जाता है, लेकिन धरातल पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।
बताया जा रहा है कि मामले में उच्च न्यायालय द्वारा भी संबंधित प्रकरण में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद आरोपित पक्ष द्वारा निर्माण कार्य जारी रखने की बात सामने आ रही है। इस स्थिति से पीड़ित परिवार स्वयं को असहाय महसूस कर रहा है और न्याय की गुहार लगा रहा है।
दूरभाष पर हुई बातचीत में संबंधित लेखपाल ने बताया कि उनकी ओर से निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन आरोपित पक्ष दोबारा निर्माण शुरू कर देता है। ऐसे में यह मामला प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है। वहीं पर आला अधिकारी मूकदर्शक बने हुए है किस प्रकार मिलेगा पीड़ितों को न्याय
क्षेत्र में चर्चा का विषय यह है कि न्यायालय एवं प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध क्या ठोस कार्रवाई होगी या मामला केवल आश्वासनों तक ही सीमित रह जाएगा।
