कांग्रेस जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता में वीरांगना महारानी अहिल्याबाई होल्कर की मनाई गई जन्म जयंती
1 min readबांदा

कांग्रेस कमेटी प्रदेश अध्यक्ष माननीय अजय राय पूर्व मंत्री जी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी बांदा के तत्वाधान में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित की अध्यक्षता में समाज में न्याय धर्म एवं समर्पण की प्रतीक अमर वीरांगना महारानी अहिल्याबाई होल्कर की जन्म जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कांग्रेस जनों द्वारा मनाई गई।
इस अवसर पर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने बतलाया कि “राजमाता अहिल्याबाई होल्कर का जन्म महाराष्ट्र के चौड़ी नामक ग्राम में हुआ था, 12 वर्ष की अवस्था में उनका विवाह हो गया और 19 वर्ष की अवस्था में उनके पति की मृत्यु हो गई उन्होंने मराठा साम्राज्य की बागडोर अपने हाथ में ली और शासक बनी उनके शासनकाल में महिलाओं की एक विशाल सेना का गठन किया गया जिन्होंने युद्ध में अपने कौशल का परिचय भी दिया माता अहिल्याबाई होल्कर ने काशी विश्वनाथ मंदिर, सोमनाथ मंदिर सहित अनेक धार्मिक स्थानों को जीर्णोद्धार कराया और जन कल्याणकारी अनेक ऐसे कार्य किए गए जिनकी वजह से आज भी लोग उनको याद करते हैं।
महारानी अहिल्याबाई होल्कर भारतीय इतिहास की एक कुशल, न्यायप्रिय और लोकप्रिय आदर्श शासक एवं राजनीतिक प्रशासक रही हैं, जिन्होंने देश में बिना किसी आन्तरिक टकराव या जातीय अथवा साम्प्रदायिक विभेद के भारतीय संस्कृति एवं उसके गौरव के पुनरुत्थान लिये काम किया था। वह एक लोककल्याणकारी शासक थीं, जिन्होंने अपने राजकोष का अधिकतम संभव सदुपयोग जनहित के कार्यों और धर्म कार्य के लिये किया। दरअसल वह अपने को शासक नहीं, ईश्वर की सेविका मानती थीं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन जनकल्याण के लिये समर्पित कर दिया। वह नियमित आम जन की समस्यायों की सुनवाई करतीं और उनको समाधान देने का काम करती थीं। जनता के प्रति निष्पक्ष होकर काम करना उनकी लोकप्रियता का आधार था। उनके शासनकाल में व्यापार, उद्योग, कपड़ा उत्पादन आदि के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई। कृषि के विकास के लिये भी उन्होंने खूब काम किया। आम लोगों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा के साथ ही उनकी शिक्षा सहित सशक्तिकरण हेतु काम किया।
भेदभाव रहित होकर जनता की सेवा के चलते अहिल्याबाई को लोक माता कहा गया। उन्होंने जातीय और साम्प्रदायिक सौहार्द के लिये जिस तरह काम किया, उससे इतिहास में उनकी छवि सांस्कृतिक पुनर्जागरण एवं पुनरुत्थान के साथ साथ एक सेकुलर या धर्मनिरपेक्ष शासक की रही है। सभी धर्मों के लोगों को उन्होंने समान रूप से संरक्षण दिया और सबके न्यायोचित हितों का ध्यान रखा। वह सामाजिक एवं साम्प्रदायिक सद्भावना की मिसाल जैसी शासिका रहीं। अपने शासन काल में उन्होंने सोमनाथ, बद्रीनाथ, मथुरा, अयोध्या, केदारनाथ, रामेश्वर एवं गया के विष्णुपद मंदिर सहित जहां हजारों मंदिरों का निर्माण या जीर्णोद्धार कराया और धर्मशालायें, प्याऊ एवं कुओं एवं तालाबों का लोकहित में निर्माण कराया, वहीं काशी में मध्यकाल में थोड़े गये विश्वनाथ मंदिर पुनर्निर्माण सहित घाट, दीप स्तम्भ, कुंड आदि बनवाये। इसके बावजूद काशी में पुराने विश्वनाथ मंदिर पर बनी ज्ञानवापी की मस्जिद की जगह किसी तोड़ फोड़ के टकराव की जगह उसके बगल में उन्होंने नये विश्वनाथ मंदिर का निर्माण विद्वत सभा के विमर्श से करवाया था। इस तरह धर्म और संस्कृति के लिये भी काम किया, तो टकराव एवं द्वंद्व को कहीं आमंत्रित किये बिना और समाज में सद्भाव एवं भाईचारे को आहत किये बिना।
अपनी इस तरह की रीति नीति के चलते अहिल्याबाई सर्व समाज के विश्वास की प्रतिनिधि शासक रहीं।
फलतः लोकजीवन में उनके प्रति व्यापक समादर का भाव रहा है।
काशी में मणिकर्णिका घाट पर उनकी प्रतिभा स्थापित थी, लेकिन यह दुर्भाग्य का विषय रहा कि पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश सरकार ने विकास के नाम पर उस हेरिटेज स्थल पर भारी तोड़ फोड़ के क्रम में महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा तक भी तोड़ दी, जिसकी जन-मानस में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी। शासन प्रशासन ने विरोध बढ़ने पर उसके लिये खेद जताने की जगह पूरे मामले को नकारने की ही कोशिश की।
इस तरह अहिल्याबाई होल्कर का एक राजतंत्रीय शासक के रूप में भी जीवन, कृतित्व एवं यश लोकतांत्रिक आदर्श, सामाजिक समरसता एवं समावेशी भावना की नजीर रहा है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था में काम करते हुये भी नफरत और विभेद की राजनीति करने वालों सबक लेना चाहिए। दूसरी ओर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में समरसता भाव से काम करने वालों को उनसे समावेशी एवं सद्भावना युक्त राजनीति की प्रेरणा ग्रहण करनी चाहिये।”
राजमाता अहिल्या बाई होल्कर की जयंती के अवसर पर जिला महामंत्री / मीडिया प्रभारी सत्यप्रकाश द्विवेदी एडवोकेट, शोएब रिजवी, जिला सचिव हेमन्त कुमार वर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय शुक्ला, कंट्रोल रूम प्रभारी बी लाल भाई, बांदा कांग्रेस सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष सन्तोष कुमार द्विवेदी, राजबहादुर गुप्ता, आरिफ निजामी, लालबाबू राजपूत, सैय्यद वारिस अली, इस्लाम भाई उपस्थित रहे।
