14 वर्ष से कम उम्र के बालकों को किसी भी प्रकार के नियोजन में नहीं लगाए :-डीएम
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धौलपुर,

जिला स्तरीय बाल श्रम टास्क फोर्स, बंधक श्रमिक सतर्कता समिति एवं बीओसीडब्ल्यू टास्क फोर्स की बैठक का जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी की अध्यक्षता में जिला कलेक्ट्रेट स्थित डीओआईटी वीसी कक्ष में आयोजन किया गया। बैठक में जिला कलक्टर ने उपखण्ड अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि उपखण्ड स्तरीय बंधक श्रमिक सतर्कता समिति का तत्काल गठन करते हुए वर्ष में दो बार सर्वे कार्य करवाया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बंधक श्रमिक से संबंधित अधिकतर शिकायतें ईंट-भट्टों, ढाबों पर कार्यरत श्रमिकों के संबंध में प्राप्त होती हैं। इन शिकायतों का निर्धारित समय में निस्तारण किया जाए। बाल श्रम के संबंध में उन्होंने चाइल्ड लेबर एक्ट के बारे में जानकारी देकर बताया कि 14 से कम उम्र के बच्चों का सभी प्रकार के नियोजनों में कार्य प्रतिबंधित है जबकि किशोरावस्था 14 से 18 वर्ष में स्कूली शिक्षा बाधित हुए बिना बालकों को गैर खतरनाक श्रेणी में नियोजित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त 14 वर्ष से कम उम्र के बालकों को किसी भी प्रकार के नियोजन में नहीं लगाया जा सकता है। जिला श्रम कल्याण अधिकारी अरविन्द कुमार दीक्षित ने बीओसीडब्ल्यू एक्ट, 1996 के की जानकारी देते हुए बताया कि जिले द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 5 करोड़ 4 लाख की प्राप्ति की है तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले को 8 करोड़ का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिला कलक्टर ने बीओसीडब्ल्यू उपकर के संबंध में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकाधिक उपकर की प्राप्ति हेतु समस्त ईओ, नगर परिषद आयुक्त को उपकर जमा की सूचना, भवन एवं अन्य संस्थान निर्माण की स्वीकृति सूचना श्रम विभाग को मासिक रूप से भिजवाने हेतु निर्देशित किया गया। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर हरिराम मीना, समस्त उपखण्डाधिकारी, नगरपालिका ईओ, एसई पीडब्ल्यूडी, डब्ल्यूआरडी सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
ब्यूरो विजय शर्मा
