सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेखा यादव की अध्यक्षता में दो दिवसीय कार्यशाला का समापन
1 min readScheme on Access to Justice for Victims of Human Wildlife Conflict HWC योजना 2025 के संबंध में दो दिवसीय कार्यशाला का किया समापन
धौलपुर

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा संचालित Scheme on Access to Justice for Victims of Human Wildife Conflict HWC योजना 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेखा यादव की अध्यक्षता में एडीआर परिसर में दो दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस योजना का उद्देश्य मानव एवं वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को कम करने तथा जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
कार्यशाला के समापन अवसर पर सचिव ने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष एक गंभीर समस्या के रूप में उभर रहा है, जिसके समाधान के लिए प्रशासन, वन विभाग, विधिक सेवा प्राधिकरण एवं आमजन के बीच समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जागरूकता, त्वरित कार्रवाई एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी के माध्यम से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है साथ ही सचिव ने बताया कि प्रभावित व्यक्तियों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनके माध्यम से पीड़ितों को मुआवजा, कानूनी सहायता एवं पुनर्वास की सुविधा प्रदान की जाती है। प्रतिभागियों को टोल फ्री नंबर 15100 की जानकारी दी गई तथा आवश्यकता पड़ने पर इसका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
जिला वन अधिकारी वी चेतन कुमार ने मानव-वन्यजीव संघर्ष के कारण, प्रभाव एवं निवारण के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के संरक्षण, ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों के पालन, तथा आपात स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों के संबंध में भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के अंतर्गत आज प्रतिभागियों को वन विहार अभ्यारण का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य प्रतिभागियों को वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, उनके व्यवहार एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष की वास्तविक परिस्थितियों से अवगत कराना रहा। इस दौरान वन क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, वन्यजीवों की गतिविधियों एवं उनके संरक्षण के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में अनावश्यक हस्तक्षेप एवं मानव गतिविधियों के विस्तार के कारण संघर्ष की स्थितियां उत्पन्न होती हैं। सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसमें वन क्षेत्र में प्रवेश के दौरान सतर्कता बरतना, वन्यजीवों से उचित दूरी बनाए रखना तथा आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करना शामिल है।
इस अवसर पर जगदीश सिंह जादौन वरिष्ठ सहायक, ताल्लुका बाड़ी, राजाखेड़ा कनिष्ठ सहायक पंकज, अंकित पैनल अधिवक्ता, पीएलवी आदि उपस्थित रहे। विजय कुमार शर्मा ब्यूरो
