April 27, 2026

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राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा संचालित दो दिवसीय कार्यशाला का किया शुभारंभ

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दो दिवसीय कार्यशाला का किया शुभारंभ
धौलपुर

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा संचालित Scheme on Acces to Justice for Victims fo Human Wildife Conflict (HWC) योजना 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेखा यादव की अध्यक्षता में एडीआर परिसर में दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ विधिवत मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया।
कार्यक्रम के उद्घाटन में सुरेश प्रकाश भट्ट स्थायी लोक अदालत ने बताया कि त्वरित विवाद समाधान मानव-वन्यजीव संघर्ष में अक्सर मुआवजा को लेकर विवाद होते हैं। पीएलए इन मामलों को जल्दी निपटाने में मदद करती है ताकि पीड़ित को समय पर राहत मिल सके। समझौते के माध्यम से निपटान पीएलए पहले दोनों पक्षों (पीड़ित और प्रशासन/वन विभाग) के बीच आपसी समझौता कराने की कोशिश करती है। इससे लंबी कोर्ट प्रक्रिया से बचाव होता है। मुआवजा दिलाने में सहायता यदि किसी व्यक्ति को वन्यजीव से नुकसान फसल, पशु या मानव हानि हुआ है, तो पीएलए सुनिश्चित करती है कि उसे सरकारी योजना के तहत उचित मुआवजा मिले।
सचिव रेखा यादव ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके समाधान हेतु समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। सचिव ने बताया कि मानव एवं वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को ध्यान में रखते हुए नालसा द्वारा Scheme on Access to Justice for Victims of Human Wildife Conflict HWC योजना 2025 लागू की गई है। योजना के अंतर्गत वन क्षेत्रों एवं ग्रामीण इलाकों में रहने वाले नागरिकों को विशेष रूप से लाभान्वित किया जाएगा। जंगली जानवरों के हमलों से प्रभावित व्यक्तियों एवं परिवारों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, साथ ही उन्हें सरकारी मुआवजा योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग प्रदान किया जाता है। इस योजना के तहत पीड़ितों के लिए राहत एवं पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है। साथ ही, आमजन को जागरूक करने के लिए समय-समय पर शिविर एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है, जिससे लोग सतर्क रह सकें और संभावित खतरों से बचाव के उपाय जान सकें।
चंबल प्रोजेक्ट जिला वन अधिकारी डॉ. आशीष व्यास ने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिसमें जंगली जानवरों और मनुष्यों के बीच टकराव के कारण जान-माल का नुकसान होता है। जंगलों की कटाई, जल एवं भोजन की कमी तथा बढ़ती आबादी इसके प्रमुख कारण हैं आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
वरिष्ठ सहायक जगदीश सिंह जादौन ने नालसा की मानव-वन्यजीव संघर्ष योजना 2025 के बारे में बताया कि इस योजना के अंतर्गत संघर्ष से प्रभावित व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाती है तथा उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा दिलाने में सहायता की जाती है। साथ ही, पीड़ितों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर न्याय तक आसान पहुँच सुनिश्चित की जाती है आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

ब्यूरो विजय शर्मा

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