अवैध खनन पर नकेल के बाद अब हरियाली पर जोर, ADM की अध्यक्षता में बैठक
1 min readखनन पट्टा क्षेत्रों में लगेंगे 30 हजार पेड़, 50 तालाबों के किनारे होगा वृक्षारोपण
बांदा
जनपद में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार 11 जून 2026 को अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में जिले के समस्त बालू, मोरम, गिट्टी व पत्थर पट्टाधारकों, अनुज्ञाधारकों और क्रेशर स्वामियों के साथ वृक्षारोपण को लेकर बैठक हुई।
ADM ने सभी पट्टाधारकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वन विभाग की NOC और पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण-पत्र की शर्तों के अनुसार ही पेड़ लगाए जाएं। वृक्षारोपण का कार्य जुलाई व अगस्त माह में किया जाएगा। इसके लिए खनन पट्टा व अनुज्ञा क्षेत्र के आस-पास 5 से 10 हेक्टेयर जमीन चिन्हित कर पट्टाधारकों को दी जाएगी।
बैठक में तय हुआ कि पट्टाधारक चिन्हित जमीन पर फलदार पेड़ लगाएंगे और फेंसिंग का काम भी कराएंगे। जिले के 50 तालाबों के आस-पास करीब 30,000 पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है। क्रेशर स्वामियों को भी क्रेशर के आस-पास वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए गए।
कुछ पट्टाधारकों ने जमीन की अनुपलब्धता की बात रखी। इस पर ADM ने कहा कि खनन क्षेत्र के आस-पास ही वृक्षारोपण कराया जाए। अगर जमीन नहीं है तो तहसील के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
कुछ पट्टाधारकों ने ग्रामसमाज की भूमि पर वृक्षारोपण की इच्छा जताई, जिस पर प्रशासन ने सहमति दी।
ADM ने साफ किया कि वृक्षारोपण के बाद पौधों की देख-रेख की पूरी जिम्मेदारी संबंधित पट्टाधारक की होगी। पौधों की उपलब्धता पर प्रभागीय वनाधिकारी बांदा ने आश्वासन दिया कि पट्टाधारकों को उनके खर्च पर लक्ष्य के अनुसार पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। वन विभाग पूरा सहयोग करेगा।

