ग्रामीण संकुल में मासिक शिक्षक बैठक आयोजित, स्कूल रेडनेस फेस-2 व 30-डे इम्पैक्ट प्लान पर जोर
1 min readबिसंडा ग्रामीण संकुल में मासिक शिक्षक बैठक आयोजित, स्कूल रेडनेस फेस-2 व 30-डे इम्पैक्ट प्लान पर जोर
बिसंडा बांदा

संकुल बिसंडा ग्रामीण के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय बिसंडा नवीन में मासिक शिक्षक संकुल बैठक का आयोजन परियोजना कार्यालय द्वारा निर्धारित एजेंडे के अनुसार किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी बिसंडा ने स्कूल चलो अभियान के लिए विशेष निर्देश प्रदान किए है।बैठक में शिक्षकों को “स्कूल रेडनेस फेस-2” का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ नए शैक्षिक सत्र की प्रभावी शुरुआत के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में SRG सौरभ आर्य ने शिक्षकों को नए सत्र में नवाचारों के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। नोडल शिक्षक संकुल डॉ. आकिब जावेद ने स्कूल रेडनेस कार्यक्रम की रूपरेखा, बच्चों के स्वागत, आधारभूत सीखने के स्तर की पहचान एवं नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
बैठक के दौरान “30-डे इम्पैक्ट प्लान” पर विशेष जोर दिया गया, जिसमें विद्यालय खुलने के पहले 30 दिनों में बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु गतिविधि आधारित शिक्षण, आइस-ब्रेकिंग एक्टिविटीज, भाषा एवं गणितीय कौशल विकास, तथा आनंदमय वातावरण बनाने की रणनीतियों पर चर्चा हुई। साथ ही बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए खेल, कहानी, कला, समूह कार्य, पियर लर्निंग, “स्माइल वॉल” जैसी गतिविधियों को अपनाने पर बल दिया गया।
विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए घर-घर संपर्क, समुदाय एवं अभिभावकों की सहभागिता, एसएमसी की सक्रिय भूमिका, नामांकन रैली, स्थानीय जागरूकता कार्यक्रम एवं विशेष नामांकन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। शिक्षकों को विद्यालय स्तर पर मासिक शैक्षिक कैलेंडर बनाकर गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके अलावा शिक्षकों को समूहों में बांटकर शैक्षिक कैलेंडर की समझ, कक्षा-स्तरीय योजना, और सत्र 2026-27 के लिए रोडमैप तैयार करने का अभ्यास कराया गया। बैठक में समावेशी शिक्षा, कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान, तथा समुदाय के सहयोग से शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर भी चर्चा की गई।
संकुल के शिक्षक पवन कुमार एवं मन्नू लाल ने भी शिक्षकों को प्रेरित किया। बैठक में संकुल के प्रधानाध्यापक, नोडल शिक्षक एवं अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य नए सत्र की सुदृढ़ एवं योजनाबद्ध शुरुआत सुनिश्चित करना तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना रहा।
