क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी की मिलीभगत से जिले में अवैध प्रैक्टिस का खेल,सीएमओ के निर्देश फेल
1 min readक्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी की मिलीभगत से जिले में अवैध प्रैक्टिस का खेल, सीएमओ के सख्त निर्देश के बाद होगा फेल
सुलतानपुर।

जनपद में आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी की कथित मिलीभगत से बिना मान्य डिग्री और पंजीकरण वाले लोग डॉक्टर बनकर खुलेआम मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
मामले ने तूल तब पकड़ा जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. भरत भूषण ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए। उन्होंने बिना वैध पंजीकरण और आयुष डिग्री के प्रैक्टिस करने वालों की जांच कर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। सीएमओ के निर्देशों के बावजूद विभाग की लंबे समय तक निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिसके चलते अवैध प्रैक्टिस का नेटवर्क लगातार फलता-फूलता रहा।
हालांकि अब विभाग ने अचानक सक्रियता दिखाते हुए अपंजीकृत चिकित्सकों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। संदिग्ध रूप से प्रैक्टिस कर रहे लोगों को एक महीने के भीतर अपना पंजीकरण कराने की अंतिम चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों का दावा है कि वर्षों से विभागीय लापरवाही और कथित ‘सेटिंग-गेटिंग’ के चलते फर्जी डिग्री धारकों को संरक्षण मिलता रहा, जिससे जिले में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल फैल गया। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि निष्पक्ष जांच के बाद ही संभव होगी।
सीएमओ के कड़े रुख के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति है और अब नियमित जांच व निगरानी के निर्देश जारी किए गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अवैध रूप से प्रैक्टिस करने वालों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई देखने को मिल सकती है….क्रमशः नए तथ्यों के साथ।
