मननरेगा के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट, कागजों में ‘मजदूर’ पर धरातल सून
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अखंड नगर सुल्तानपुर

जनपद के विकासखंड अखंड नगर अंतर्गत ग्राम पंचायत लोकनाथपुर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि ग्राम प्रधान और संबंधित जिम्मेदारों की मिलीभगत से कई दिनों से फर्जी हाजिरी भरकर सरकारी बजट का दुरुपयोग किया जा रहा है। तालाब खुदाई के कार्य में जहाँ कागजों पर भारी-भरकम संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है, वहीं जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उल्टा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रजिस्टर और ऑनलाइन मास्टर रोल में 60 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई है। जब की धरातल पर कार्य को देखे पत्रकार पहुंचा तो वहां मजदूर नदारद मिले। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना काम किए ही फर्जी हाजिरी लगाकर भुगतान कराया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रधान द्वारा अपने चहेतों और बिना काम करने वाले लोगों के नाम नरेगा में डालकर सरकारी खजाने को चूना लगाया जा रहा है। सरकार द्वारा गांवों के विकास और ग्रामीणों को रोजगार देने के लिए चलाई जा रही यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल
नरेगा में चल रहे इस खेल ने विभागीय निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना भौतिक सत्यापन के इतनी बड़ी संख्या में फर्जी हाजिरी कैसे प्रमाणित की जा रही है, यह जांच का विषय है। अब देखना यह होगा कि अधिकारी इस पर क्या कार्यवाही करता है।
ए.के . त्रिपाठी
