बुंदेलखण्ड की ऐतिहासिक धरोहरों को सजाने संवारने का काम कर रही है योगी सरकार
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बुंदेलखण्ड की ऐतिहासिक धरोहरों को सजाने संवारने का काम कर रही है योगी सरकार
भूरागढ़ किले में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है रिवर फ्रंट व पार्किंग
पिछली सरकारों की उपेक्षा के शिकार ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने का काम कर रही योगी सरकार
भूरागढ़ किले में रिवर फ्रंट व वाहन पार्किंग का लगभग 50% कार्य हुआ पूरा
चंदेल कालीन यह किला समेटे हुए है अपने मे कई इतिहास
बांदा
बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरोहरों को योगी सरकार सजाने संवारने का काम कर रही है। और शहर के किनारे केन नदी के तट पर स्थित भूरागढ़ के किले में लगभग 10 करोड रुपए की लागत से रिवर फ्रंट, वाहन पार्किंग, छोटा चिड़ियाघर समेत पर्यटकों की जरूरी सुविधाओं के लिए निर्माण का काम किया जा रहा है। जहां पिछली सरकारों ने ऐतिहासिक धरोहरों की उपेक्षा की तो वहीं वर्तमान योगी सरकार इन ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने का काम कर रही है। भूरागढ़ के किले में रिवर फ्रंट समेत अन्य जो निर्माण के कार्य किया जा रहे हैं वह लगभग 50% पूरे कर लिए गए हैं। यह किला चंदेल कालीन है जो अपने में कई इतिहास समेटे हुए हैं और इन सब चीजों के निर्माण हो जाने के बाद यह किला पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण के रूप में उभर कर सामने आ जाएगा और पर्यटकों के लिए बुंदेलखंड का प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेगा।
अप्रैल तक महीने तक पुनर्निमाण का कार्य पूरा होने की उम्मीद
केन नदी के तट पर ऊँचाई पर स्थित भूरागढ़ का किला पुनर्निर्माण के बाद नए रूप में लोगों के सामने आएगा। और यहां पर तेजी से सौंदर्यीकरण और इसके पुनर्निर्माण का कार्य किया जा रहा है। जिससे आने वाले समय मे यह ऐतिहासिक किला न सिर्फ ऐतिहासिक धरोहर के रूप में बल्कि यहां पर आने वाले पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षण के रूप में उभरकर सामने आएगा। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विभाग के द्वारा किले में 4 करोड़ 85 लाख रुपए की लागत से जहां रिवर फ्रंट बनाने का कार्य किया जा रहा है। तो वहीं पार्किंग, शौचालय, लाइटिंग, छोटा चिड़ियाघर समेत अन्य पर्यटक सुविधाओं का कार्य 4 करोड़ 49 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा है। यानी की कुल मिलाकर यहां पर जो काम कराए जा रहे हैं वह 9 करोड़ 34 लाख रुपए की लागत से करवाए जा रहे हैं। जिसमें सरकार की तरफ से 4 करोड़ 60 लाख रुपए पहली किस्त के रूप में जारी कर दिए गए थे और यहां का लगभग 50% का कार्य पूरा हो गया है। और उम्मीद है कि अप्रैल के महीने तक यहां के कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
1857 की क्रांति व नट बली की कहानी का गवाह है किला
सन 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसके लिए भी अंग्रेजों के खिलाफ हुए युद्ध में लगभग 3000 क्रांतिकारी शहीद हुए थे। यहां पर अंग्रेजों ने सैकड़ो स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को फांसी दी थी और आज भी कई शहीदों के यहां पर शहीद स्थल बने हुए हैं। इसीलिए इस किले को एक महत्वपूर्ण शहीद स्मारक के रूप में जाना जाता है। इसके अलावा यह किला एक प्रेम कहानी कभी गवाह है जहां राजा भूरा की बेटी और एक नटबली के बीच की कहानी भी लोक प्रसिद्ध है।
पुनर्निर्माण के बाद किले का दृश्य होगा खूबसूरत
अर्थ एवं सांख्यिकीय अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि भूरागढ़ के किले में सौंदर्यीयकरण व पुनर्निर्माण का कार्य किया जा रहा है। जिसके क्रम में यहां पर रिवर फ्रंट बनाया जा रहा है। जहां पर आकर्षक घाट बनाए जा रहे हैं और लाइटिंग लगाई जाएगी। जो किले के दृश्य को खूबसूरत बनाएगी। वही वाहन पार्किंग, शौचालय, छोटा चिड़िया घर समेत अन्य पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं यहां पर बनाई जा रही हैं। जिनके बन जाने के बाद केले के ऐतिहासिक महत्व और खूबसूरती को चार चांद लग जाएंगे।

