जिला कारागृह एवं लीगल एड क्लिनिक का किया साप्ताहिक निरीक्षण
1 min readस्चिव एवं प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारीगणों द्वारा संयुक्त रूप से जिला कारागृह एवं लीगल एड क्लिनिक धौलपुर का साप्ताहिक निरीक्षण किया गया
धौलपुर,
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसरण में एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो के निर्देशन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेखा यादव एवं प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारीगणों द्वारा संयुक्त रूप से जिला कारागृह एवं लीगल एड क्लिनिक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला कारागृह में स्थापित प्रिजिन लीगल एड क्लिनिक के संबंध में माननीय नालसा द्वारा जारी एसओपी में वर्णित दिशा-दिशा निर्देशों की पालना सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये।
सचिव एवं प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारीगणों ने निरीक्षण के दौरान कारागृह में निरुद्ध बंदियों की आवास व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सुविधा, दवाइयों की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था एवं विशेष श्रेणी के बंदियों की स्थिति का जायजा लिया साथ ही न्यायिक अधिकारीयों ने लीगल एड क्लिनिक में स्थित रजिस्टरों का भी निरीक्षण किया एवं सचिव द्वारा प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारियों को लीगल एड क्लिनीक की कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी साथ ही सचिव रेखा यादव ने एलएडीसीज अधिवक्तागणों से बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा, जमानत प्रक्रिया, अपील एवं लंबित प्रकरणों की स्थिति के संबंध में जानकारी ली साथ ही सचिव रेखा यादव ने कन्विट पीएलवी एवं कम्युनिटी पीएलवी से भी उनके कार्यों के बारे में जानकारी ली एवं निरीक्षण के दौरान पीएलवीओं को निर्देशित किया गया कि वे नियमित रूप से जेल में जाकर बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं, जमानत एवं अपील संबंधी प्रक्रियाओं के बारे में जागरूक करें। इसके बाद सभी न्यायिक अधिकारीगणों ने बंदियों के लिए उपलब्ध वीडियों कॉन्फेसिंग हॉल एवं केंटिन का भी निरीक्षण किया इसके बाद सभी न्यायिक अधिकारीगणों द्वारा बंदियों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी व्यक्तिगत एवं विधिक समस्याओं को सुना गया। जो बंदी आर्थिक रूप से कमजोर पाए गए अथवा विधिक सहायता के पात्र थे, उन्हें निःशुल्क विधिक सेवा उपलब्ध कराए जाने हेतु एलएडीसीज अधिवक्तागणों को आवश्यक निर्देश दिए गए। निरीक्षण दौरान एक बंदी जिसके पैर में चोट लगी थी जिसके बारे में भी सचिव द्वारा जानकारी ली एवं उसके उपचार के संबंध में जेल अधीक्षक को निर्देशित किया साथ ही एक बंदी जिसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने पर भी उसके उपचार के संबंध में जेल अधीक्षक को निर्देश दिए एवं एक बंदी ने अपने बच्चे जो कि जेल में बंद था उससे मिलने के बारे में सचिव को जानकारी दी एवं एक बंदी जिसको खाना न मिलने की शिकायत थी उक्त शिकायतों के समाधान के संबंध में जेल अधीक्षक को निर्देश दिए इसके बाद सभी न्यायिक अधिकारीगणों ने जेल अस्पताल का निरीक्षण कर डॉक्टरों एवं मेडिकल स्टाफ से चर्चा की गई तथा बंदियों को समय पर उपचार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु निर्देश प्रदान किए गए इसके साथ ही सभी न्यायिक अधिकारीगणों ने रसोईघर का भी निरीक्षण किया एवं रोटी बनाने वाली मशीनों की जांच की एवं आज के भोजन के बारे में भी पूछा एवं निर्देशित किया कि सभी बंदियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएं जिससे वह स्वस्थ रहें।
सचिव ने निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन को बंदियों के मानवाधिकारों की रक्षा, समयबद्ध न्याय प्रक्रिया तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
इस मौके पर प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारीगण अभिषेक, तनुराग, हर्षल एवं अनमोल, चीफ लीगल एड डिफेंस कॉउन्सिल अमित कम्ठान, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल पप्पू गुर्जर, असिस्टेंट एलएडीसी आराधना शर्मा, दीपक सिंह सिकरवार, स्टेनो राहुल डंडौतिया, जेल अधीक्षक सुमन कुमारी मीणा एवं जेलर पूरन सहित कारागृह का स्टॉफ एवं बंदीजन मौजूद रहे।
ब्यूरो विजय शर्मा

