February 12, 2026

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थाने से 50 मीटर दूर पत्रकार पर जानलेवा हमला, पुलिस की निष्क्रियता पर भड़के जनप्रतिनिधि

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थाने से 50 मीटर दूर पत्रकार पर जानलेवा हमला, पुलिस की निष्क्रियता पर भड़के जनप्रतिनिधि

शिवम् पाठक विशेष संपादक मध्य प्रदेश एवं राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद(रजि•) प्रदेश उपाध्यक्ष मध्य प्रदेश

रीवा। सिरमौर विधानसभा क्षेत्र के बैकुंठपुर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे कानून के रखवालों की नाक के नीचे ही वारदात को अंजाम देने से भी नहीं डर रहे। बीती रात बैकुंठपुर थाना से महज 50 मीटर की दूरी पर पत्रकार सुरेश कचेर पर जानलेवा हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल पत्रकार को तत्काल रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

थाने के सामने वारदात, पुलिस की भूमिका पर सवाल

घटना स्थल थाना परिसर के बिल्कुल समीप होने के बावजूद पुलिस की तत्परता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। घायल पत्रकार का आरोप है कि हमले के दौरान और उसके बाद डायल 112 और थाना प्रभारी को लगातार सूचना दी गई, लेकिन पुलिस काफी देर बाद मौके पर पहुंची। यह देरी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाती है।

जनप्रतिनिधियों का फूटा आक्रोश

अस्पताल में पत्रकार का हाल जानने पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की कानून व्यवस्था को लेकर तीखी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि जब थाने के सामने पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की कल्पना करना ही बेमानी है। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में अपराधियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है।

वीडियो सामने आने के बाद भी उल्टा मामला दर्ज

घटना का वीडियो सामने आने के बावजूद पुलिस द्वारा पीड़ित पक्ष पर ही मामला दर्ज किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस निष्पक्ष जांच के बजाय दबाव में कार्रवाई करती दिखाई दे रही है, जिससे जनता का भरोसा डगमगा रहा है।

राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद (रजि•) नें की घोर निंदा

इस पूरे मामले को लेकर राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने पुलिस प्रशासन की कड़ी निंदा की है।

परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष (मध्यप्रदेश) शिवम पाठक ने कहा—

आज प्रदेश में पत्रकार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। थाने से कुछ कदमों की दूरी पर पत्रकार पर हमला होना, पुलिस व्यवस्था की असफलता को दर्शाता है। यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।

उन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, लापरवाह

पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और पत्रकार सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की।
आंदोलन की चेतावनी
पत्रकार संगठनों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो एसपी कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक आंदोलन किया जाएगा।

यदि पुलिस थाने के समीप भी सुरक्षा नहीं दे पा रही है, तो यह कानून व्यवस्था पर सबसे बड़ा सवाल है।

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