व्यवसायिक वाहन चालकों के लिए नेत्र स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन किया जाना सुनिश्चित करें :- डीएम
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धौलपुर
वर्तमान राज्य सरकार के 2 वर्ष कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 13 दिसम्बर से 15 दिवसीय सड़क सुरक्षा अभियान चलाए जाने के संबंध में जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा संबंधी एवं यातायात नियमों की पालना कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई जाएं। ऑटो के माध्यम से सड़क सुरक्षा जागरूकता रैली आयोजन के साथ ही व्यवसायिक वाहन चालकों के लिए नेत्र स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन किया जाना सुनिश्चित करें। सड़क हादसों में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल या ट्रॉमा केयर सेंटर में पहुंचाने वाले किसी भी नागरिक को गुड सेमेरिटन योजना के तहत 10 हजार रुपए की प्रोत्साहन व प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। गंभीर घायल व्यक्ति को अस्पताल या ट्रॉमा में पहुंचाने वाले व्यक्ति के बारे में चिकित्सक पुलिस को सूचित करेंगे। इसके साथ ही गुड सेमेरिटन का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। उन्होंने पीडी ग्वालियर को निर्देश देते हुए कहा कि चौक नालों की सफाई की जाएं एवं टूटी हुई रेलिंग को पुनः दुरस्त करवाएं। दुर्घटना वाले पोईंटों की विजिट कर चेतवानी बोर्ड लगवाना सुनिश्चित करें। सड़क पर वाहनों की धुलाई करने वालों को चिन्हित कर नगर परिषद के साथ कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें।
जिला कलक्टर ने बताया कि योजना के अर्न्तगत घातक सड़क दुर्घटनाओं में गोल्डन ऑवर (दुर्घटना घटित होने के 1 घंटे की अवधि) अवधि में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल ऐसे व्यक्ति जिन्हें मेजर सर्जरी, तीन दिवस तक भर्ती रहने वाले, ब्रेन इंजरी, स्पाईन्ल कोड इंजरी एवं ईलाज के दौरान मृत्यु हो जाने वाले घायलों को ले जाने वाले भले व्यक्ति जिन्हें इस योजना के तहत गुड सेमेरिटन नाम दिया गया है, को मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 134ए एवं भारत सरकार की गुड सेमेरिटन के लिए जारी अधिसूचना के तहत संरक्षण प्रदान करते हुए ऐसे व्यक्तियों को राज्य सरकार द्वारा 10 हजार की प्रोत्साहन राशि व प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा।उन्होंने बताया कि सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वालों के अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कानून बनाया था। इसका मुख्य उद्देश्य हादसे में मदद करने वाले व्यक्ति को अनावश्यक पुलिस कार्रवाई से बचाना और सहायता करने वाले नागरिक को प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित करना है। मोटरयान सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को नेक व्यक्ति (गुड सेमेरिटन) की ओर से सीधा अस्पताल या ट्रॉमा केयर सेंटर पहुंचाया जाएगा, तो उस व्यक्ति के संबंध में चिकित्सक स्थानीय पुलिस को सूचित करेंगे। पुलिस की ओर से नेक व्यक्ति का नाम-पता, घटना का विवरण, मोबाइल नंबर आदि की निर्धारित प्रारूप में जानकारी की प्रति गुड सेमेरिटन को दी जाएगी। उन्होंने राज्य एवं केन्द्र सरकार की राहवीर योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान सड़क सुरक्षा योजना, सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार आदि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। बैठक में सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।

