February 12, 2026

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सचिव रेखा यादव एवं प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी ने संयुक्त रूप से किया जिला कारागृह एवं जेल लीगल एड क्लिनिक का साप्ताहिक निरीक्षण

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धौलपुर राजस्थान।
सचिव रेखा यादव एवं प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी ने संयुक्त रूप से किया जिला कारागृह एवं जेल लीगल एड क्लिनिक का साप्ताहिक निरीक्षण
धौलपुर,

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं अध्यक्ष सचिव रेखा यादव एवं प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी ने संयुक्त रूप से किया जिला कारागृह एवं जेल लीगल एड क्लिनिक का साप्ताहिक निरीक्षण
धौलपुर, 9 दिसम्बर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो के निर्देशन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेखा यादव एवं प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी ने संयुक्त रूप से जिला कारागृह एवं जेल लीगल एड क्लिनिक का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला कारागृह में स्थापित प्रिजिन लीगल एड क्लिनिक के संबंध में माननीय नालसा द्वारा जारी एसओपी में वर्णित दिशा-दिशा निर्देशों की पालना सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये।
सचिव द्वारा निरीक्षण के दौरान जेल में बंदियों से उनके प्रकरणों, अपील, जमानत, आगामी पेशी की तारीख आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की एवं सभी बंदियों से उनके स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी ली साथ ही विचाराधीन बंदियों से एक-एक कर बातचीत कर उनके मुकदमें की प्रगति एवं जमानत के संबंध में पूछताछ की तथा सभी बंदियों को नालसा द्वारा चलायी गयी स्कीमों के बारे में भी जागरूक करते हुए उससे होने वाले लाभ की जानकारी दी। निरीक्षण दौरान एक बंदी के द्वारा बताया गया कि उसके घर पर बातचीत नहीं होती है तो सचिव द्वारा जेल अधीक्षक को बंदी के घरवालों से बातचीत कराने के लिए निर्देशित किया गया। इस संबंध में जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल के नियमानुसार प्रतिदिन बंदी तीन मिनट तक अपने घर बातचीत कर सकते है इसके लिए महीने का रिचार्ज बंदी के द्वारा कराया जाता है इसके अलावा सचिव ने बंदियों को निशुल्क अधिवक्ता के बारे में भी जानकारी दी। ऐसे बंदियों से विशेष तौर पर वार्ता की गई जिनकी जमानत तो हो गई है किंतु उनके पास जमानती न होने के कारण वह जेल में निरुद्ध हैं। निरीक्षण दौरान उपस्थित बंदियों से निशुल्क विधिक सहायता हेतु अधिवक्ता के सम्बंध में जानकारी ली गई, बंदियों द्वारा खाने-पीने की कोई समस्या होना नहीं बताया गया। सचिव द्वारा बंदियों के लिए उपलब्ध मेडिकल वार्ड का भी निरीक्षण किया गया। साथ ही रसोईघर का भी निरीक्षण किया गया निरीक्षण दौरान वहां बंदियों के लिए आलू की सब्जी, मसूर की दाल बन रही थी जब सचिव ने सब्जियों को चैक किया तो उसमें तेल की मात्रा ज्यादा दिखने पर जेल अधीक्षक को निर्देशित किया कि सब्जियों में कम तेल एवं मसालों का उपयोग करें जिससे मरीजों का स्वास्थ्य ठीक रहे। उसके बाद रोटी बनाने की मशीनों का भी निरीक्षण किया एवं रोटी बनाने की प्रक्रिया की भी जांच की। सचिव द्वारा जेल लोक अदालत के संदर्भ में बताते हुए कहा कि छोटे मुकदमों को जेल लोक अदालत के माध्यम से खत्म किया जा सकता है साथ ही सचिव ने कारागार में बैरकों, तथा पाकशाला में निरंतर स्वच्छता बनायें रखने हेतु जेल अधीक्षक को निर्देशित किया। उन्होंने महिला बंदियों हेतु पौष्टिक भोजन, उनके साथ रह रहें बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था, शिक्षण हेतु व्यवस्था, साफ-सफाई एवं दवा की व्यवस्था कराने हेतु आवश्यक निर्देश दिया। साथ ही सचिव ने बंदियों को बताया कि यदि किसी बंदी को विधिक सहायता की आवश्यकता हो तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धौलपुर में एक प्रार्थना पत्र देकर अपनी समस्या का निस्तारण करा सकता हैं। यदि किसी बंदी को अपने मामलें में पैरवी की आवश्यकता हो तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर विधिक सहायता ले सकता हैं। साथ ही सर्दी के मौसम को देखते हुए बंदियों के लिए उपलब्ध रजाई गद्दे आदि उपलब्ध करवाने हेतु जेल अधीक्षक को निर्देशित किया।
इस मौके पर ट्रेनी न्यायिक अधिकारी, रेखा चौधरी, विक्रम थोलिया, अंकित यादव, चीफ लीगल एड डिफेंस कॉउन्सिल अमित कम्ठान, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल पप्पू गुर्जर, असिस्टेंट एलएडीसी मीता अग्रवाल, आराधना शर्मा दीपक सिंह सिकरवार, स्टेनो राहुल डंडौतिया, जेल अधीक्षक सुमन कुमारी मीणा सहित कारागृह का स्टाफ एवं बंदी मौजूद रहे।
—— जिला कारागृह एवं जेल लीगल एड क्लिनिक का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला कारागृह में स्थापित प्रिजिन लीगल एड क्लिनिक के संबंध में माननीय नालसा द्वारा जारी एसओपी में वर्णित दिशा-दिशा निर्देशों की पालना सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये।
सचिव द्वारा निरीक्षण के दौरान जेल में बंदियों से उनके प्रकरणों, अपील, जमानत, आगामी पेशी की तारीख आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की एवं सभी बंदियों से उनके स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी ली साथ ही विचाराधीन बंदियों से एक-एक कर बातचीत कर उनके मुकदमें की प्रगति एवं जमानत के संबंध में पूछताछ की तथा सभी बंदियों को नालसा द्वारा चलायी गयी स्कीमों के बारे में भी जागरूक करते हुए उससे होने वाले लाभ की जानकारी दी। निरीक्षण दौरान एक बंदी के द्वारा बताया गया कि उसके घर पर बातचीत नहीं होती है तो सचिव द्वारा जेल अधीक्षक को बंदी के घरवालों से बातचीत कराने के लिए निर्देशित किया गया। इस संबंध में जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल के नियमानुसार प्रतिदिन बंदी तीन मिनट तक अपने घर बातचीत कर सकते है इसके लिए महीने का रिचार्ज बंदी के द्वारा कराया जाता है इसके अलावा सचिव ने बंदियों को निशुल्क अधिवक्ता के बारे में भी जानकारी दी। ऐसे बंदियों से विशेष तौर पर वार्ता की गई जिनकी जमानत तो हो गई है किंतु उनके पास जमानती न होने के कारण वह जेल में निरुद्ध हैं। निरीक्षण दौरान उपस्थित बंदियों से निशुल्क विधिक सहायता हेतु अधिवक्ता के सम्बंध में जानकारी ली गई, बंदियों द्वारा खाने-पीने की कोई समस्या होना नहीं बताया गया। सचिव द्वारा बंदियों के लिए उपलब्ध मेडिकल वार्ड का भी निरीक्षण किया गया। साथ ही रसोईघर का भी निरीक्षण किया गया निरीक्षण दौरान वहां बंदियों के लिए आलू की सब्जी, मसूर की दाल बन रही थी जब सचिव ने सब्जियों को चैक किया तो उसमें तेल की मात्रा ज्यादा दिखने पर जेल अधीक्षक को निर्देशित किया कि सब्जियों में कम तेल एवं मसालों का उपयोग करें जिससे मरीजों का स्वास्थ्य ठीक रहे। उसके बाद रोटी बनाने की मशीनों का भी निरीक्षण किया एवं रोटी बनाने की प्रक्रिया की भी जांच की। सचिव द्वारा जेल लोक अदालत के संदर्भ में बताते हुए कहा कि छोटे मुकदमों को जेल लोक अदालत के माध्यम से खत्म किया जा सकता है साथ ही सचिव ने कारागार में बैरकों, तथा पाकशाला में निरंतर स्वच्छता बनायें रखने हेतु जेल अधीक्षक को निर्देशित किया। उन्होंने महिला बंदियों हेतु पौष्टिक भोजन, उनके साथ रह रहें बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था, शिक्षण हेतु व्यवस्था, साफ-सफाई एवं दवा की व्यवस्था कराने हेतु आवश्यक निर्देश दिया। साथ ही सचिव ने बंदियों को बताया कि यदि किसी बंदी को विधिक सहायता की आवश्यकता हो तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धौलपुर में एक प्रार्थना पत्र देकर अपनी समस्या का निस्तारण करा सकता हैं। यदि किसी बंदी को अपने मामलें में पैरवी की आवश्यकता हो तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर विधिक सहायता ले सकता हैं। साथ ही सर्दी के मौसम को देखते हुए बंदियों के लिए उपलब्ध रजाई गद्दे आदि उपलब्ध करवाने हेतु जेल अधीक्षक को निर्देशित किया।

इस मौके पर ट्रेनी न्यायिक अधिकारी, रेखा चौधरी, विक्रम थोलिया, अंकित यादव, चीफ लीगल एड डिफेंस कॉउन्सिल अमित कम्ठान, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल पप्पू गुर्जर, असिस्टेंट एलएडीसी मीता अग्रवाल, आराधना शर्मा दीपक सिंह सिकरवार, स्टेनो राहुल डंडौतिया, जेल अधीक्षक सुमन कुमारी मीणा सहित कारागृह का स्टाफ एवं बंदी मौजूद रहे।

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