मनुष्य को अभिमान नहीं करना चाहिए कथा व्यास पंडित बृजभूषण शास्त्री जी
1 min readधौलपुर में ज्ञान गंगा का प्रवाह: श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन
धौलपुर। शहर के गंगा बाई की बगीची, हॉस्पिटल के पास, पर इन दिनों ज्ञान, भक्ति और वैराग्य से ओत-प्रोत श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कथा के छठवें दिन, शनिवार, 15 नवंबर 2025 को, कथा व्यास श्रद्धेय पं. ब्रजभूषण शास्त्री जी (मिहावा, आगरा वाले) ने भगवान श्री कृष्ण की दिव्य लीलाओं में अक्रूर जी के वर्णन का विस्तार से पाठ किया, जिसने सभी श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
पंडित जी ने अत्यंत मधुर और ओजस्वी वाणी में बताया कि कैसे अक्रूर जी भगवान श्री कृष्ण और बलराम को मथुरा ले जाने के लिए गोकुल आए थे। उन्होंने अक्रूर जी के निष्काम प्रेम और समर्पण का मार्मिक चित्रण किया। कथा के इस प्रसंग ने श्रोताओं को यह संदेश दिया कि ईश्वर की भक्ति में समर्पण और निस्वार्थ प्रेम का क्या महत्व है।
कथा व्यास पंडित बृजभूषण शास्त्री जी ने कहा कि मनुष्य में जब अभिमान आता है तो भगवान उनसे दूर हो जाते हैं। लेकिन जब कोई भगवान को न पाकर विरह में होता है तो श्रीकृष्ण उस पर अनुग्रह करते है और उसे दर्शन देते है। अतः मनुष्य को अभिमान नहीं करना चाहिए। उक्त प्रवचन स्थानीय गंगाबाई की बगीची में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा प्रवक्ता पंडित बृजभूषण शास्त्री महाराज ने दिए। श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार को भागवत कथा में भक्तों की भारी भीड़ जुटी व्यास जी ने कथा में बताया भगवान का मथुरा प्रस्थान, कंस वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, उद्धव-गोपी संवाद, द्वारका की स्थापना, के प्रसंग का संगीतमय पाठ किया गया। कथा के दौरान भक्तिमय संगीत ने श्रोताओं को आनंद से परिपूर्ण कर दिया।
कथा में कथा प्रवक्ता पंडित बृजभूषण शास्त्री महाराज ने छप्पन भोग के बारे में भी बताया। श्रीमद् भागवत कथा परब्रह्म ईश्वर के साथ मिलन की कथा है।
श्रीमद् भागवत कथा उत्सव ज्ञान यज्ञ हरिद्वार से पधारे श्री श्री 1008 राजगुरु महामंडलेश्वर संतोष सरस्वती जी एकादश रूद्र पीठ हरिद्वार से पधारे उनसे यजमानों ने लिया आशीर्वाद
यह सात-दिवसीय कथा यज्ञ दिनांक 10 नवंबर से 17 नवंबर 2025 तक चलेगा। आज की कथा में कथा परीक्षित सुकान्त भूषण शर्मा एवं श्रीमती सरला शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर भूषण शर्मा, डॉक्टर अशोक शर्मा, भारत भूषण शर्मा, रविकांत शर्मा ने पूरे परिवार सहित भाग लिया और कथा व्यास से आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्रीमद् भागवत कथा के यजमान ने बताया कि
कथा का आज छठा दिन था, और यह ज्ञान यज्ञ (17 नवंबर) को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा। प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से कथा प्रारंभ होती है। बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालुजन कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं और पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो राजस्थान

