प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड द्वारा ‘बाल दिवस’ के अवसर पर बाल दिवस शिविर का किया आयोजन
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धौलपुर,
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड श्रीमती नीतू द्वारा बाल सम्प्रेक्षण गृह में बाल दिवस के अवसर पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें श्रीमती नीतू ने बच्चों के नैतिक मूल्यों, अनुशासन, स्वच्छता और शिक्षा के महत्व पर प्रेरणादायक संदेश दिया। इसके साथ ही बच्चों के अधिकारों, दायित्वों और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, बाल श्रम, बाल अपराध और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने, बच्चों को स्नेह, प्यार और समान अवसर देने और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने के लिए प्रोत्साहित करने आदि के सम्बन्ध में जानकारी दी गई और बताया कि बाल दिवस हमें यह भी सिखाता है कि बच्चों की हंसी, उनका खेलना-कूदना और उनका पढ़ना-लिखना ही किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार है।
बाल दिवस हर साल 14 नवंबर को भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। नेहरू जी बच्चों से गहरा स्नेह रखते थे और उनका मानना था कि आज के बच्चे कल के भारत के निर्माता हैं। बच्चों के प्रति उनके इस प्रेम के कारण ही उन्हें प्यार से ‘चाचा नेहरू’ कहा जाने लगा।
भारत में बाल दिवस की शुरुआत 20 नवम्बर 1956 को हुई थी, जब इसे संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित यूनिवर्सल चिल्ड्रन्स डे के रूप में मनाया जाता था। नेहरू जी के निधन 27 मई 1964 के बाद उनकी जयंती यानी 14 नवंबर को भारत का राष्ट्रीय बाल दिवस घोषित किया गया। तब से हर साल इस दिन को बच्चों के नाम समर्पित किया जाता है। इस अवसर पर किशोर न्याय बोर्ड की ओर से सदस्य राकेश परमार, अजय कुमार, महेन्द्रसिंह, अधीक्षक मुरारीलाल मीणा, संजय सिंह, श्रीमति उषा यादव, केयर टेकर राकेश कुमार शर्मा व अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।

