February 12, 2026

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राष्ट्रीय बाल दिवस एवं विधिक सेवा दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर का किया आयोजन

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धौलपुर

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेखा यादव द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय मरैना में राष्ट्रीय बाल दिवस एवं विधिक सेवा दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें सचिव ने सर्वप्रथम सभी बालिकाओं को राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि राष्ट्रीय बाल दिवस भारत में हर साल 14 नवंबर को मनाया जाता है। यह दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती के अवसर पर बच्चों को समर्पित है, इस दिन का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों, उनकी शिक्षा, सुरक्षा और विकास के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है इसके साथ ही सचिव रेखा यादव ने नालसा के द्वारा बच्चों के लिए चलाई जा रही स्कीमों जैसे नालसा बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं स्कीम 2024 एवं नालसा स्कूल छोड़ने वाले एवं वंचित बच्चों के लिए विधिक सहायता योजना 2025 के बारे में बताया कि इसका उद्देश्य बच्चों के कानूनी अधिकारों की सुरक्षा करना और उन्हें प्रभावी, सुलभ और बहु-विषयक विधिक सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके तहत विकलांग बच्चों सहित किसी भी बच्चे को किसी भी कानूनी मामले के लिए विधिक सहायता मिल सकती है, जिसमें आपराधिक और सिविल मामले शामिल हैं। इसके साथ ही बच्चों के कानूनी अधिकार जैसे बाल श्रम प्रतिषेध और विनियमन अधिनियम, 1986/संशोधन 2016 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी प्रकार के रोजगार में रखने पर प्रतिबंध है। 14 से 18 वर्ष के किशोरों को खतरनाक उद्योगों में काम करने की अनुमति नहीं है इसका उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और सजा का प्रावधान है। बाल यौन शोषण से संरक्षण अधिनियम पोक्सो ऐक्ट 2012 बच्चों को यौन शोषण, उत्पीड़न और अश्लीलता से सुरक्षा प्रदान करता है इसके साथ ही अपराध की रिपोर्ट किसी भी व्यक्ति द्वारा की जा सकती है; रिपोर्ट न करने पर भी सजा का प्रावधान है। यह अधिनियम बच्चों के लिए एक संवेदनशील और सुरक्षित कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करता है। किशोर न्याय बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम 2015 उन बच्चों के लिए जो अपराध में शामिल हैं या जिनकी देखभाल की आवश्यकता है इस हेतु प्रत्येक जिले में बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड की व्यवस्था की गई है। मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 जिसमें 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा का अधिकार प्राप्त है साथ ही बच्चों को गुड टच बेड टच, साइबर अपराधों, बाल विवाह के दुष्परिणाम, मीडियेशन फॉर दी नेशन अभियान, राष्ट्रीय लोक अदालत व नालसा हेल्पलाईन नम्बर 15100, नालसा व रालसा स्कीमों, जनउपयोगी सेवाओं से संबंधित, न्याय आपके द्वार-लोक उपयोगिता समस्याओं का सुलभ एवं त्वरित समाधान‘‘ तथा सड़क सुरक्षा सप्ताह अभियान के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर प्रिंसीपल अतुल चौहान, अध्यापक गीता सिंह, रतनी कौशल, स्टेनो राहुल डंडौतिया एवं वरिष्ठ सहायक जगदीश सिंह जादौन आदि उपस्थित रहे।

विजय कुमार शर्मा ब्यूरो राजस्थान

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