सचिव रेखा यादव ने किया बाल संप्रेषण एवं किशोर गृह धौलपुर का किया निरीक्षण
1 min readसचिव रेखा यादव ने किया बाल संप्रेषण एवं किशोर गृह धौलपुर का निरीक्षण
निरीक्षण दौरान सभी बालकों को बताएं उनके कानूनी अधिकार
धौलपुर
सदस्य सचिव राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला एवं सेशन न्यायाधीश अरुण कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश रेखा यादव ने राजकीय बाल संप्रेषण एवं शिशु गृह का निरीक्षण किया।
रालसा के आदेशों की अनुपालना में प्रदेश भर में निराश्रितों की देखभाल करने वाली संस्थान से बच्चों के भागने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हर साल करीब 80 बच्चें संस्थाओं से भाग रहे हैं, इनमें से करीब 25 फीसदी बच्चों का कभी पता नहीं चल पाता है। बच्चों के भागने की घटनाओं में हो रही बढ़ोतरी से संस्थानों में दी जाने वाली सुविधाओं और परवरिश पर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटनाओं की पुनरावर्ती रोकने के लिए संस्थान से बच्चों के भागने के कारणों का विश्लेषण कर एक संदवेनशील कार्ययोजना के तहत कार्य किए जाने की आवश्यकता है इसी के क्रम में सचिव ने बाल संप्रेषण एवं किशोर गृह में स्थित किशोर गृह की भौतिक अवसंरचना, मापदंड, पृथक परिसर, आनुपातिक भूप्रबंधन, परिसर की व्यवस्थाएं, विशेष योग्यजन हेतु अवसंरचना, संभाग और कार्यात्मक आवश्यकताएं, कपड़े, बिस्तर व अन्य स्वच्छता व साफ-सफाई, दिनचर्या, पोषण और आहार मानक, चिकित्सा एवं देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, मनोरंजन सुविधाएं, विभिन्न समितियां, आदि बिंदुओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण दौरान कुल 16 विधि से संघर्षरत एवं 1 देखरेख एवं संरक्षण एवं 3 शिशु पाए गए। निरीक्षण के दौरान सचिव ने किशोर गृह के स्थित इंचार्ज से विस्तार से चर्चा की और सुधार गृह में निवासरत किशोरों के पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं मानसिक विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इंचार्ज को निर्देशित किया कि बच्चों के अधिकारों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा उन्हें एक सुरक्षित, सम्मानजनक एवं प्रेरणादायक वातावरण प्रदान किया जाए। सर्वप्रथम सचिव ने शिशु गृह का निरीक्षण किया निरीक्षण दौरान एक शिशु लगभग 10 दिन की मिली जिसकी देखरेख के बारे में जानकारी प्राप्त की तो इंचार्ज ने बताया कि हॉस्पिटल द्वारा शिशु गृह में भेजी गई है। बच्ची की देखभाल के लिए चौबीसों घंटे आया लगाई गई है निरीक्षण दौरान एक शिशु मिली जो 3 वर्ष की थी जिसकी भी देखरेख की जा रही है। सचिव द्वारा उसके पढ़ने की पुस्तकें एवं मनोरंजन की सुविधा के बारे में भी जानकारी ली इसके बाद बच्ची की देखभाल के बारे में जानकारी ली गई बच्ची की लिए दूध, मालिश के लिए तेल, चिकित्सा इत्यादि की जानकारी ली एवं इसके बाद विधि से संघर्षरत बच्चों के प्रकरणों के संबंध में भी जानकारी ली।

