श्रीमद्भगवत कथा के सातवें दिन सुदामा चरित्र,परीक्षित मोक्ष आदि कथाओं का वर्णन किया
1 min readसुल्तानपुर
दोस्तपुर के बभनइया पश्चिम में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष मिथिलेश मिश्रा “मुन्ना” के गया जगन्नाथ दर्शनोपरांत चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन कथा व्यास पीठाधीश्वर श्रीकृष्ण ओझा जी ने विभिन्न प्रसंगों पर प्रवचन दिए। सातवें दिन मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राजप्रसाद उपाध्याय “राजबाबू” ने आचार्य श्री कृष्ण ओझा को माला पहनाकर आशीर्वाद लिया।कथा मे श्री ओझा जी ने सातवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की अलग-अलग लीलाओं का वर्णन किया। मां देवकी के कहने पर छह पुत्रों को वापस लाकर मां देवकी को वापस देना,सुभद्रा हरण का आख्यान कहना एवं सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कथा व्यास पीठाधीश्वर शास्त्री ने बताया कि मित्रता कैसे निभाई जाए यह भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा जी से समझा जा सकता है। सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र कृष्ण से मिलने के लिए द्वारिका पहुंचे। सुदामा ने द्वारिकाधीश के महल का पता पूछा और महल की ओर बढ़ने लगे लेकिन द्वार पर द्वारपालों ने सुदामा को भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया। तब उन्होंने कहा कि वह कृष्ण के मित्र हैं, इसपर द्वारपाल महल में गए और प्रभु से कहा कि कोई उनसे मिलने आया है। अपना नाम सुदामा बता रहा है। जैसे ही द्वारपाल के मुंह से उन्होंने सुदामा का नाम सुना सुदामा सुदामा कहते हुए तेजी से द्वार की तरफ भागे। सामने सुदामा सखा को देखकर उन्होंने उसे अपने सीने से लगा लिया। सुदामा ने भी कन्हैया कन्हैया कहकर उन्हें गले लगाया। दोनों की ऐसी मित्रता देखकर सभा में बैठे सभी लोग अचंभित हो गए। कृष्ण सुदामा को अपने राज सिंहासन पर बैठाया। उन्हें कुबेर का धन देकर मालामाल कर दिया। जब भी भक्तों पर विपदा आई है। प्रभु उनका तारण करने अवश्य आए हैं। बाबा ईश्वर दास आश्रम में चल रही सात दिवसीय कथा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। अंत में भागवत भगवान की आरती की गई। सात दिवसीय भागवत कथा के सातवें दिन मुख्य यजमान निर्मला मिश्रा व मिथिलेश मिश्रा, संदीप उपाध्याय गुड्डू, प्रशांत तिवारी,विकास मिश्रा,रितेश मिश्रा,योगेश मिश्रा,मुकेश तिवारी, प्रशांत पाण्डेय,सिंटू पाण्डेय, पप्पू मिश्रा,सियाराम तिवारी,लालमणि तिवारी,कोका मिश्रा,प्रदीप दूबे,प्रवीण तिवारी,विवेक मिश्रा,छोटू उपाध्याय,शेष तिवारी,अलोक पाण्डेय,सौरभ तिवारी,पप्पू बरनवाल,विनोद तिवारी सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

