सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुदौली में अव्यवस्थाओं का बोलबाला, नहीं मिल रही मरीजों को सुविधाएं
1 min readरुदौली अयोध्या
तीस शैय्या वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैरनपुर में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। अस्पताल में अक्सर केवल एक,दो ही चिकित्सक मरीज देखते मिलते हैं। स्थिति यह हो गई है कि मरहम पट्टी करने वाले कर्मचारी भी नदारद रहते हैं।
अस्पताल की दुर्दशा देख मरीजों का मोह भी भंग होने लगा है। एक चिकित्सक को छोड़ कोई भी चिकित्सक रात्रि निवास नहीं करता है। कागजों पर आए हुए मरीजों को कई तरह की सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं, परंतु वास्तविकता यह है कि दो-दो टेक्निीशियन जांच के लिए तैनात किए गए हैं परंतु उपकरण के अभाव में साधारण जांच जैसे शुगर, हीमोग्लोबिन, टीएलसीडीएलसी की जांच मरीजों को अक्सर बाहर से करानी पड़ती है। कर्मचारियों में लापरवाही का यह हाल है कि अस्पताल में कोई मरहम पट्टी करने वाला नहीं मिलता है। मरीज अस्पताल में भटकते रहते हैं। एकमात्र चिकित्सक डॉ. कौशलेंद्र कुमार मौर्य के यहां ही मरीजों की भीड़ दिखाई पड़ती है। मरीजों द्वारा बताया कि हीमोग्लोबिन की जांच अस्पताल में न हो पाने के कारण चिकित्सकों द्वारा मरीजों की आंख की पुतलियां देखकर पर्चे पर हीमोग्लोबिन की मात्रा लिख दी जाती है। कागजों पर सीएचसी खैरनपुर में ब्लड बैंक की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके लिए मशीन भी रखी हुई है परंतु अभी तक किसी को भी सुविधा नहीं मिल सकी है। बताया जाता है कि ब्लड को सुरक्षित रखने के लिए बिजली की आवश्यकता पड़ती है परंतु बिजली चार-पांच घंटे ही मिलती है। अस्पताल में जनरेटर की सुविधा भी है रात्रि में अंधेरा छाया रहता है, फिर कागज पर सात से आठ सौ लीटर डीजल प्रति माह दिखाया जाता है। जबकि जनरेटर स्वास्थ्य विभाग के किसी अधिकारी के आने पर ही चलाया जाता है। यही नहीं जनरेटर न चलने के कारण लाखों रुपये की लागत से आई फोटोथेरेपी मशीन जंग खा रही है। इसमें ताला लटकता रहता है।

